भारत-पाक सीमा के पास हाईवे बना मिलिट्री रनवे, बीकानेर में रुद्र-ध्रुव-चेतक की लैंडिंग
राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब सेना ने हाईवे लैंडिंग अभ्यास किया। दंतौर के पास NH-911 पर रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टरों ने लैंडिंग और टेक-ऑफ ड्रिल की। इस अभ्यास का मकसद वैकल्पिक स्थानों से सैन्य हेलीकॉप्टर संचालन की क्षमता को परखना और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना था।राजस्थान का एक सामान्य हाईवे मंगलवार को अचानक मिलिट्री रनवे में बदल गया। बीकानेर जिले के दंतौर क्षेत्र में भारतीय सेना की एविएशन यूनिट्स ने NH-911 पर विशेष हाईवे लैंडिंग अभ्यास किया। इस दौरान रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टर निर्धारित हिस्से पर उतरे और फिर उड़ान भरी।सीमा के करीब रेगिस्तानी इलाके में हुआ यह अभ्यास सैन्य एविएशन की वैकल्पिक संचालन क्षमता से जुड़ा था। इसका मकसद यह अभ्यास करना था कि जरूरत पड़ने पर पारंपरिक एयरबेस या हेलीपैड के अलावा उपयुक्त वैकल्पिक स्थानों से भी हेलीकॉप्टर संचालित किए जा सकें।
कुछ देर के लिए NH-911 बना सैन्य रनवे
दंतौर के पास हाईवे के एक निर्धारित हिस्से को अभ्यास के लिए इस्तेमाल किया गया। हेलीकॉप्टरों ने नियंत्रित तरीके से लैंडिंग की और इसके बाद टेक-ऑफ किया। इस दौरान एयरक्रू और जमीन पर मौजूद टीमों के बीच समन्वय भी अभ्यास का हिस्सा रहा।रिपोर्टों के मुताबिक, अभ्यास के दौरान हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही भी रोकी गई थी। इसके बाद सड़क को सामान्य यातायात के लिए फिर खोल दिया गया।
रेगिस्तानी इलाके में क्यों खास है ये अभ्यास?
दंतौर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र में आता है। यहां गर्मी, धूल, तेज हवाएं और लंबी दूरी जैसी परिस्थितियां सैन्य अभियानों के लिए अलग चुनौतियां पेश करती हैं। ऐसे वातावरण में प्रशिक्षण से एयरक्रू को अलग परिस्थितियों में संचालन का अनुभव मिलता है।हाईवे लैंडिंग ड्रिल का एक अहम पहलू ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी है। यानी आवश्यकता पड़ने पर सैन्य संसाधनों को पारंपरिक ठिकानों के अलावा दूसरे उपयुक्त स्थानों से भी संचालित करने की क्षमता।
रुद्र, ध्रुव और चेतक ने दिखाया तालमेल
अभ्यास में तीन अलग-अलग हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म शामिल रहे। रुद्र, ध्रुव और चेतक ने निर्धारित हाईवे स्ट्रेच पर लैंडिंग और टेक-ऑफ किया। इस दौरान उड़ान नियंत्रण, निर्धारित प्रक्रिया और ग्राउंड टीम के साथ समन्वय पर जोर रहा।
सीमा के करीब अभ्यास का क्या महत्व?
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब इस तरह की ड्रिल सीमावर्ती क्षेत्र में सैन्य तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस अभ्यास को किसी तत्काल सैन्य कार्रवाई से जोड़ने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे प्रशिक्षण और ऑपरेशनल तैयारी से जुड़ा अभ्यास बताया गया है।दंतौर में NH-911 पर कुछ समय के लिए बदला नजारा अब सामान्य हो चुका है। लेकिन हाईवे पर हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेक-ऑफ ने सेना की वैकल्पिक संचालन क्षमता का एक अहम प्रशिक्षण दृश्य जरूर दिखाया।