चूरू में रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दो संदिग्ध शार्प शूटर गिरफ्तार, हथियार बरामद
चूरू जिले के सरदारशहर में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी एजीटीएफ ने गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। टीम ने दो संदिग्ध शार्प शूटरों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक दोनों के संबंध रोहित गोदारा और महेंद्र ढेलाना गैंग से होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी पिस्टल, चार मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरदेसर निवासी 26 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र धनपत जाट और सरदारशहर के वार्ड 25 निवासी 28 वर्षीय नितेश बगड़िया पुत्र रामावतार जाट के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनकी हालिया गतिविधियों और आपराधिक संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है।
दो पिस्टल और 49 कारतूस बरामद
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से दो विदेशी पिस्टल मिली हैं। इसके साथ चार मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इतनी मात्रा में हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इन्हें उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही।
बड़ी वारदात की तैयारी की जांच
प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों की गतिविधियों को लेकर कई पहलुओं पर जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या दोनों किसी आपराधिक वारदात की तैयारी कर रहे थे। पुलिस उनके मोबाइल संपर्क, संभावित नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि किसी प्रस्तावित वारदात को लेकर अंतिम तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
हेड कांस्टेबल की सूचना पर कार्रवाई
एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार मीणा की सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की। एजीटीएफ प्रभारी आईपीएस अभिजीत पाटिल के नेतृत्व में टीम ने सरदारशहर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। अब पूछताछ के आधार पर पुलिस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
संयुक्त टीम ने संभाली कार्रवाई
कार्रवाई में सरदारशहर थाने के एसआई रामकरण सिद्धू, एएसआई हिम्मतसिंह, विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल लीलाधर मीणा और कांस्टेबल लीलाधर प्रजापत सहित पुलिसकर्मियों की भूमिका रही। एजीटीएफ अब हथियारों के स्रोत और आरोपियों के कथित गैंग संपर्कों की जांच कर रही है। आगे की पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।