RCA Election 2026: नेता पुत्र आमने-सामने, BJP संगठन में सहमति की कवायद तेज; आज साफ होगी तस्वीर
राजस्थान क्रिकेट संघ यानी RCA के चुनाव में राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरों की एंट्री ने मुकाबला रोचक बना दिया है। अध्यक्ष पद पर भाजपा से जुड़े दो प्रभावशाली नेताओं के बेटे आमने-सामने हैं। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके अलावा बृजकिशोर उपाध्याय के नेतृत्व वाला तीसरा पैनल भी मैदान में है। सभी 30 नामांकन वैध पाए जा चुके हैं। 28 सितंबर नाम वापसी का अंतिम दिन है। ऐसे में संगठन स्तर पर सहमति की कोशिशों की चर्चाओं के बीच आज चुनावी तस्वीर साफ हो सकती है।
तीन गुटों से त्रिकोणीय हुआ RCA चुनाव
नामांकन के बाद RCA चुनाव में तीन प्रमुख पैनल सामने आए हैं। इनमें धनंजय सिंह खींवसर, पराक्रम सिंह राठौड़ और बृजकिशोर उपाध्याय से जुड़े गुट शामिल हैं।अध्यक्ष पद पर पांच नामांकन वैध पाए गए हैं। इनमें धनंजय सिंह खींवसर, दीनदयाल कुमावत, पराक्रम सिंह राठौड़, राजेश सारस्वत और बृजकिशोर उपाध्याय शामिल हैं। ऐसे में नाम वापसी से पहले कई स्तरों पर समीकरण बदल सकते हैं।
धनंजय और पराक्रम आमने-सामने
अध्यक्ष पद का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला मुकाबला धनंजय सिंह खींवसर और पराक्रम सिंह राठौड़ के बीच है।धनंजय सिंह खींवसर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे हैं। वहीं पराक्रम सिंह राठौड़ पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे हैं। दोनों ने अलग-अलग पैनल के साथ अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।
बृजकिशोर पैनल ने भी खोला मोर्चा
तीसरा पैनल बृजकिशोर उपाध्याय के नेतृत्व में मैदान में है। इस पैनल से अध्यक्ष पद के लिए बृजकिशोर उपाध्याय और अन्य पदों के लिए अलग-अलग उम्मीदवारों ने नामांकन किया है।इस पैनल से अरिष्ट सिंघवी का नाम भी कार्यकारी सदस्य पद के लिए सामने आया है। नामांकन के बाद तीनों गुटों की मौजूदगी से चुनाव का गणित और जटिल हो गया है।
छह पदों के लिए 30 नामांकन वैध
RCA चुनाव अधिकारी की जांच के बाद सभी 30 नामांकन वैध पाए गए हैं। छह पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में हैं।अध्यक्ष पद पर पांच, उपाध्यक्ष पद पर पांच और सचिव पद पर छह नामांकन वैध बताए गए हैं। बाकी पदों पर भी उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है। अब नाम वापसी के बाद अंतिम सूची सामने आएगी।
अरिष्ट सिंघवी और रतन सिंह के नाम पर भी चर्चा
नामांकन प्रक्रिया के दौरान बीकानेर जिला क्रिकेट संघ के सचिव रतन सिंह और जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव अरिष्ट सिंघवी के नाम भी अलग-अलग पैनलों के संदर्भ में चर्चा में रहे।अरिष्ट सिंघवी का नाम बृजकिशोर पैनल के साथ कार्यकारी सदस्य के तौर पर सामने आया। वहीं कुछ रिपोर्टों में उन्हें धनंजय खेमे की सूची में भी बताया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि अलग-अलग पदों पर पैनलों के बीच उम्मीदवारों को लेकर समीकरण पूरी तरह एकरूप नहीं हैं।
भाजपा संगठन में सहमति की कोशिशों की चर्चा
नाम वापसी से पहले भाजपा संगठन स्तर पर दोनों प्रमुख राजनीतिक गुटों के बीच सहमति बनाने की कोशिशों की चर्चा है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार धनंजय खींवसर और उनके साथियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। वहीं पराक्रम सिंह राठौड़ ने भी प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी स्थिति रखी।इन मुलाकातों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। किसी एक पैनल को अंतिम संगठनात्मक समर्थन मिलने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘नेता पुत्र होना कोई दोष नहीं’ वाली बात भी सामने आई
रिपोर्टों के अनुसार बातचीत के दौरान धनंजय खींवसर के साथ मौजूद नेताओं ने चुनाव लड़ने के अधिकार को लेकर सवाल उठाए।उनकी ओर से यह बात कही गई कि किसी राजनीतिक नेता का पुत्र होना अपने आप में चुनाव लड़ने से रोकने का आधार नहीं है। हालांकि यह संबंधित नेताओं का पक्ष है और इसे संगठन के आधिकारिक निर्णय के रूप में नहीं देखा जा सकता।
नामांकन के बाद सभी की नजर दिल्ली पर
RCA चुनाव में राजनीतिक कनेक्शन को लेकर चर्चा के बीच धनंजय खेमे की ओर से दिल्ली से समर्थन मिलने के संकेतों की भी मीडिया रिपोर्ट सामने आई हैं।हालांकि, किसी केंद्रीय संगठन या सरकार की ओर से किसी एक पैनल को आधिकारिक समर्थन दिए जाने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है। इसलिए फिलहाल चुनावी समीकरणों को संभावित सहमति और राजनीतिक संपर्कों के स्तर पर ही देखा जा रहा है।
28 सितंबर को नाम वापसी, 29 को मतदान
RCA चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 28 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। इसके बाद अंतिम उम्मीदवार सूची सामने आएगी। 29 सितंबर को जयपुर स्थित RCA Academy में मतदान होना है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
आज साफ हो सकता है कौन मैदान में रहेगा
नाम वापसी के अंतिम दिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा से जुड़े राजनीतिक परिवारों के दोनों प्रमुख उम्मीदवार मैदान में बने रहते हैं या किसी स्तर पर सहमति बनती है।अगर नाम वापसी नहीं होती है तो मुकाबला कई पैनलों के बीच होगा। वहीं किसी बड़े पैनल के उम्मीदवारों के हटने पर चुनावी गणित बदल सकता है।फिलहाल अंतिम तस्वीर 28 सितंबर की नाम वापसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी। 29 सितंबर का मतदान RCA की नई कार्यकारिणी का फैसला करेगा।