राजस्थान के 10 नगर निगमों में मेयर चुनाव पूरा, जानिए किसकी सबसे बड़ी और सबसे कम वोटों से जीत
राजस्थान के सभी 10 नगर निगमों में महापौर चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 25 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा के नतीजे आने के साथ ही सभी निगमों की तस्वीर साफ हो गई। उपलब्ध परिणामों के मुताबिक भाजपा ने 9 नगर निगमों में मेयर पद जीता, जबकि बीकानेर में कांग्रेस का मेयर बना। सबसे बड़ी जीत का अंतर 30 वोट रहा, जो कोटा की अनुसुइया गोस्वामी और उदयपुर के पारस सिंघवी के नाम रहा। वहीं सबसे कम अंतर से जीत पाली में भाजपा की नमिता बुबकिया ने दर्ज की। पाली में जीत का अंतर सिर्फ 4 वोट रहा। पहले चरण में सात निगमों के मेयर चुनाव 21 सितंबर को हुए थे, जबकि जयपुर, जोधपुर और कोटा में मतदान 25 सितंबर को हुआ।
जयपुर में सुनीता मावर को 29 वोट से हराया
जयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा के सुनील कोठारी ने कांग्रेस की सुनीता मावर को हराया। कोठारी को 89 वोट, जबकि सुनीता मावर को 60 वोट मिले।इस तरह सुनील कोठारी ने 29 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। जयपुर नगर निगम में कुल 150 पार्षद हैं और बहुमत का आंकड़ा 76 है। भाजपा के पास चुनाव के बाद 78 पार्षद थे।
कोटा में अनुसुइया गोस्वामी की 30 वोट से जीत
कोटा नगर निगम में भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता सुमन को 30 वोट से हराया।अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले, जबकि सुनीता सुमन को 35 वोट प्राप्त हुए। 100 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी थे।घोषित संख्याबल की तुलना में भाजपा प्रत्याशी को अतिरिक्त वोट मिलने के कारण क्रॉस वोटिंग की चर्चा हुई। हालांकि गुप्त मतदान के कारण किसी व्यक्तिगत पार्षद के क्रॉस वोट की पुष्टि नहीं की जा सकती।
जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता ने दर्ज की जीत
जोधपुर नगर निगम में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता ने कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को हराकर मेयर पद हासिल किया।दिए गए परिणाम के अनुसार प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट, जबकि राजेंद्र सिंह सोलंकी को 47 वोट मिले। इस तरह मेहता ने 6 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।जोधपुर में वार्ड 50 के री-पोल के बाद निगम की अंतिम तस्वीर सामने आई थी। इसके बाद मेयर चुनाव कराया गया।
उदयपुर में पारस सिंघवी की 30 वोट से जीत
उदयपुर नगर निगम में भाजपा के पारस सिंघवी ने कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को हराया।पारस सिंघवी को 55 वोट, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 25 वोट मिले। इस तरह जीत का अंतर 30 वोट रहा।यह कोटा की जीत के साथ सबसे बड़े अंतर वाली मेयर जीतों में शामिल है। उदयपुर में भाजपा के पास वार्ड चुनाव में भी स्पष्ट बहुमत था।
बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला की बड़ी जीत
बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत को 20 वोट से हराया।अनिल कल्ला को 50 वोट, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 30 वोट मिले। बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पास वार्ड चुनाव के बाद बहुमत भी था।10 नगर निगमों में बीकानेर ही ऐसा निगम रहा, जहां कांग्रेस का मेयर चुना गया।
अलवर में सुमनलता अग्रवाल ने 19 वोट से जीता चुनाव
अलवर नगर निगम में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने कांग्रेस की कमलेश शर्मा को हराया।सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट, जबकि कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। इस तरह जीत का अंतर 19 वोट रहा।अलवर में भाजपा के पास चुनाव के बाद 28 पार्षद थे। कांग्रेस के 23 और 13 निर्दलीय पार्षद थे। निर्दलीयों के समर्थन के बाद भाजपा प्रत्याशी बहुमत के आंकड़े तक पहुंचीं।
अजमेर में अनामिका शर्मा ने 6 वोट से जीत दर्ज की
अजमेर नगर निगम में भाजपा की अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गढ़वाल को हराया।अनामिका शर्मा को 43 वोट, जबकि किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने 6 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।अजमेर में वार्ड चुनाव के बाद कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की।
पाली में सबसे कम अंतर से जीत
पाली नगर निगम का मेयर चुनाव सबसे करीबी मुकाबलों में रहा। भाजपा की नमिता बुबकिया ने 33 वोट हासिल कर मेयर पद जीता।निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ को 29 वोट, जबकि कांग्रेस की सुमित्रा जैन को सिर्फ 3 वोट मिले। इस तरह निकटतम प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले नमिता बुबकिया की जीत का अंतर 4 वोट रहा।यह 10 नगर निगमों में सबसे कम अंतर वाली जीत रही।
भरतपुर में अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनीं
भरतपुर नगर निगम में भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर चुनी गईं। उनके सामने कोई प्रभावी प्रतिद्वंद्वी मैदान में नहीं रहा।भरतपुर में वार्ड चुनाव के दौरान निर्दलीयों ने 36 सीटें जीती थीं। इसके बावजूद मेयर पद भाजपा के खाते में गया। आधिकारिक परिणामों में अनुराधा सिंह का निर्विरोध निर्वाचन दर्ज है।
भीलवाड़ा में जसवंत कंवर भी निर्विरोध चुनी गईं
भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध मेयर चुनी गईं। उनके सामने निर्दलीय संतोष कंवर ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में नाम वापस ले लिया।इसके बाद जसवंत कंवर के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। भीलवाड़ा में भाजपा ने वार्ड चुनाव में 45 सीटें जीती थीं।
सबसे बड़ी और सबसे छोटी जीत का पूरा गणित
10 नगर निगमों के मेयर चुनाव में सबसे बड़ा वोट अंतर 30 वोट रहा। कोटा में अनुसुइया गोस्वामी और उदयपुर में पारस सिंघवी ने 30-30 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।इसके बाद बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने 20 वोट, अलवर में सुमनलता अग्रवाल ने 19 वोट और जयपुर में सुनील कोठारी ने 29 वोट के अंतर से जीत हासिल की।सबसे करीबी मुकाबला पाली में रहा, जहां नमिता बुबकिया सिर्फ 4 वोट से जीतीं। अजमेर और जोधपुर में जीत का अंतर 6-6 वोट रहा।
10 नगर निगमों में 9 भाजपा, 1 कांग्रेस मेयर
सभी परिणाम सामने आने के बाद राजस्थान के 10 नगर निगमों में भाजपा के 9 मेयर और कांग्रेस का 1 मेयर है।भाजपा के मेयर अजमेर, अलवर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, पाली, भरतपुर और भीलवाड़ा में हैं। वहीं बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए।इन चुनावों में कई जगह वार्ड चुनाव के संख्याबल और मेयर चुनाव के नतीजों में अंतर भी देखने को मिला। निर्दलीय समर्थन और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं ने कई निगमों में अंतिम परिणाम को प्रभावित किया। व्यक्तिगत क्रॉस वोटिंग की पुष्टि हालांकि गुप्त मतदान के कारण नहीं की जा सकती।
राजस्थान के 10 नगर निगमों के मेयर चुनाव का पूरा परिणाम
| नगर निगम | मेयर | पार्टी | वोट | मुख्य प्रतिद्वंद्वी | अंतर |
|---|---|---|---|---|---|
| जयपुर | सुनील कोठारी | भाजपा | 89 | सुनीता मावर 60 | 29 |
| जोधपुर | प्रसन्नचंद मेहता | भाजपा | 53 | राजेंद्र सोलंकी 47 | 6 |
| कोटा | अनुसुइया गोस्वामी | भाजपा | 65 | सुनीता सुमन 35 | 30 |
| बीकानेर | अनिल कल्ला | कांग्रेस | 50 | सुरेंद्र सिंह 30 | 20 |
| अजमेर | अनामिका शर्मा | भाजपा | 43 | किरण गढ़वाल 37 | 6 |
| उदयपुर | पारस सिंघवी | भाजपा | 55 | पूनम कुंवर राठौड़ 25 | 30 |
| अलवर | सुमनलता अग्रवाल | भाजपा | 42 | कमलेश शर्मा 23 | 19 |
| पाली | नमिता बुबकिया | भाजपा | 33 | राजबाला हिंगड़ 29 | 4 |
| भरतपुर | अनुराधा सिंह | भाजपा | निर्विरोध | — | निर्विरोध |
| भीलवाड़ा | जसवंत कंवर | भाजपा | निर्विरोध | — | निर्विरोध |