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कोटा में BJP की अनुसुइया गोस्वामी मेयर बनीं, कांग्रेस की सुनीता सुमन को 30 वोट से हराया

कोटा नगर निगम को नई महापौर मिल गई हैं। भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता सुमन को 30 वोटों से हराकर मेयर पद पर जीत दर्ज की। अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले, जबकि सुनीता सुमन के खाते में 35 वोट आए। 100 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी थे। चुनाव से पहले भाजपा के पास 57 पार्षद थे और दो निर्दलीयों के समर्थन के बाद उसका घोषित संख्याबल 59 था। परिणाम में भाजपा प्रत्याशी को 65 वोट मिलने के बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि गुप्त मतदान के कारण किस पार्षद ने किसे वोट दिया, इसकी व्यक्तिगत पुष्टि संभव नहीं है।

अनुसुइया गोस्वामी ने 30 वोट से जीता मेयर चुनाव

कोटा नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने 65 वोट हासिल किए। कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले।इस तरह अनुसुइया गोस्वामी ने 30 वोटों के अंतर से चुनाव जीता। 100 सदस्यीय सदन में 51 वोट बहुमत के लिए पर्याप्त थे। भाजपा प्रत्याशी ने इस आंकड़े से काफी अधिक वोट हासिल किए।

घोषित संख्याबल से 6 वोट ज्यादा मिले BJP को

चुनाव से पहले कोटा नगर निगम में भाजपा के 57 पार्षद बताए गए थे। दो निर्दलीय पार्षदों के भाजपा के साथ आने के बाद भाजपा का घोषित समर्थन 59 पार्षदों तक पहुंच गया था।इसके बावजूद अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले। यानी घोषित संख्याबल से उन्हें छह वोट अधिक मिले। दूसरी ओर कांग्रेस के 39 पार्षद थे, लेकिन उसकी प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले।इन आंकड़ों के कारण क्रॉस वोटिंग की चर्चा शुरू हुई है। हालांकि मतदान गुप्त होने के कारण किसी व्यक्तिगत पार्षद के क्रॉस वोट करने की पुष्टि नहीं की जा सकती।

कांग्रेस के चार वोट कम होने से भी उठे सवाल

कांग्रेस के पास चुनाव से पहले 39 पार्षदों का संख्याबल बताया गया था। लेकिन सुनीता सुमन को 35 वोट ही मिले।यानी घोषित कांग्रेस संख्याबल की तुलना में चार वोट कम पड़े। वहीं भाजपा प्रत्याशी को अपने घोषित समर्थन से छह वोट अधिक मिले।इन दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन गुप्त मतदान होने के कारण वोटों के व्यक्तिगत स्रोत का पता लगाना संभव नहीं है।

मतदान से पहले दोनों दलों ने की थी तैयारी

मेयर चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षदों के साथ बैठकें की थीं। भाजपा पार्षदों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से एकत्र कर होटल ले जाया गया था।भाजपा नेताओं ने पार्षदों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी भी दी। पार्टी नेताओं ने बोर्ड के कामकाज और शहर के विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा की।कांग्रेस ने भी मतदान से एक दिन पहले पार्टी कार्यालय में पार्षदों की बैठक की थी। पार्टी नेताओं ने मतदान प्रक्रिया समझाने के साथ अपने पार्षदों की एकजुटता का दावा किया था।

कांग्रेस ने दबाव बनाने के आरोप लगाए थे

मतदान से पहले कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि उनके पार्षदों पर क्रॉस वोटिंग के लिए दबाव बनाया जा रहा है।कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम और अन्य नेताओं ने सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल और कार्रवाई के जरिए पार्षदों को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए थे।कांग्रेस नेताओं ने कुछ पार्षदों और उनसे जुड़े परिसरों पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया था। इन आरोपों का स्वतंत्र रूप से चुनाव परिणाम से संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता।

मतदान के दौरान निगम परिसर में कड़ी सुरक्षा

मेयर चुनाव को देखते हुए कोटा नगर निगम परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मुख्य प्रवेश द्वार पर चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई।निगम कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले बैरिकेडिंग की गई थी। परिसर के अंदर और बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। पार्षदों को निर्वाचन प्रमाण पत्र दिखाने के बाद प्रवेश दिया गया।

केसरी पगड़ी पहनकर निगम पहुंचे BJP पार्षद

मतदान से पहले भाजपा के पार्षद केसरी पगड़ी पहनकर एक साथ नगर निगम पहुंचे। इस दौरान पार्टी के पक्ष में नारेबाजी भी हुई।भाजपा पार्षद गोपाल मंडा ने मतदान से पहले पार्टी की जीत का दावा किया था। उन्होंने 70 तक वोट मिलने की बात कही थी। हालांकि अंतिम परिणाम में भाजपा प्रत्याशी को 65 वोट मिले।

कौन हैं कोटा की नई मेयर अनुसुइया गोस्वामी?

अनुसुइया गोस्वामी 51 वर्ष की हैं और उन्होंने 10वीं तक पढ़ाई की है। वह भाजपा संगठन में सक्रिय रही हैं और थोक तथा रिटेल कारोबार से भी जुड़ी हैं।वह भाजपा महिला मोर्चा की शहर जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं। इसके अलावा संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास 33 लाख 12 हजार 580 रुपए की चल संपत्ति और 75 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। उनके ऊपर 14 लाख 81 हजार 145 रुपए का होम लोन भी बताया गया है।

सुकेत में BJP के जितेंद्र चोपड़ा एक वोट से जीते

कोटा जिले की 25 वार्ड वाली सुकेत नगर पालिका में भी अध्यक्ष पद का परिणाम सामने आया। भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा ने कांग्रेस के उमरदीन को एक वोट से हराया।जितेंद्र चोपड़ा को 13 वोट मिले, जबकि उमरदीन के खाते में 12 वोट आए। सुकेत में कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और चार निर्दलीय पार्षद हैं।जितेंद्र चोपड़ा को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनके पक्ष में मतदान हुआ। परिणाम के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया।

अब कोटा निगम में नई महापौर के सामने जिम्मेदारी

अनुसुइया गोस्वामी के मेयर निर्वाचित होने के साथ कोटा नगर निगम में नया नेतृत्व तय हो गया है। अब उनके सामने शहर से जुड़े विकास और नागरिक सुविधाओं के मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।मेयर चुनाव के दौरान सामने आए संख्याबल के अंतर ने राजनीतिक चर्चाओं को भी बढ़ा दिया है। हालांकि गुप्त मतदान के कारण क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों की पहचान सार्वजनिक रूप से तय नहीं की जा सकती।

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Stv News Rajasthan

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