अलवर जिला अस्पताल में मरीज की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप
अलवर के सामान्य चिकित्सालय में गुरुवार रात एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। दीवान जी का बाग निवासी निर्मल को पिछले तीन दिनों से बुखार था। गुरुवार शाम तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि तबीयत बिगड़ने के बाद बार-बार मदद मांगने के बावजूद मरीज को समय पर उपचार नहीं मिला। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
तीन दिन से बुखार, अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों के अनुसार निर्मल को पिछले तीन दिनों से बुखार था। गुरुवार शाम अचानक उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई।इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए अलवर के सामान्य चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया।
डॉक्टर के इलाज को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि वार्ड में मरीज को देखने पहुंचे ड्यूटी डॉक्टर के कानों में ईयरबड्स लगे हुए थे। उनका दावा है कि डॉक्टर ने मरीज को ठीक से नहीं देखा और इंजेक्शन लगाने के बाद वहां से चले गए।परिजनों के अनुसार कुछ समय बाद निर्मल की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्होंने वार्ड में मौजूद स्टाफ से मरीज को तत्काल देखने और उपचार उपलब्ध कराने की मांग की।
हालत बिगड़ने पर समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप
परिजनों का कहना है कि मरीज की स्थिति लगातार खराब हो रही थी। उन्होंने वार्ड में मौजूद कर्मचारियों से कई बार मदद मांगी, लेकिन उनके अनुसार समय पर पर्याप्त चिकित्सा सहायता नहीं मिली।इसी दौरान परिजनों ने घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वार्ड में मौजूद एक कर्मचारी ने उन्हें धमकाया और मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
इसी बीच निर्मल की मौत हो गई। मौत की जानकारी के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि यदि समय पर उचित उपचार मिलता तो मरीज की स्थिति अलग हो सकती थी।हालांकि, मरीज की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
अन्य मरीजों को भी परेशानी का आरोप
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद वार्ड में मौजूद कुछ कर्मचारी वहां से चले गए। इससे वार्ड में भर्ती दूसरे मरीजों को भी परेशानी हुई।परिजनों के अनुसार कुछ मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां भी समय पर नहीं मिल पाईं। इन आरोपों की भी अस्पताल प्रशासन की जांच में स्थिति स्पष्ट होगी।
अस्पताल प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया
मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच कराने की बात कही। अलवर के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि ड्यूटी डॉक्टर अस्पताल में मौजूद रहता है।उन्होंने कहा कि यदि इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया है तो इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल मामले में परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आया है। किसी चिकित्सक या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही मरीज की मौत और उपचार के दौरान कथित लापरवाही को लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।