बड़ौदामेव में थाने के पास युवक की पत्थर से हत्या, पुलिस पर लापरवाही के आरोप; SIT जांच
अलवर के बड़ौदामेव में पुलिस थाने के पास 40 वर्षीय सकून की पत्थर मारकर हत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई। घटना के विरोध में लोगों ने थाने के बाहर धरना दिया और अलवर-भरतपुर मार्ग पर जाम लगाया। परिजन और ग्रामीण मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपी हर्ष को हिरासत में लिया है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। वहीं पुलिस ने आरोपी के थाने से निकलने के बाद हत्या करने के दावे को गलत बताया है।
थाने के पास सकून पर पत्थर से हमला
बड़ौदामेव में लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बड़ा बास गांव निवासी सकून अपने चाचा नूर मोहम्मद के साथ आया था। बताया गया कि चाचा बैंक से जुड़े काम के लिए बाइक से उतर गए, जबकि सकून अकेले बाजार की ओर जा रहा था।इसी दौरान पुलिस थाने के पास एक युवक ने उस पर पत्थर से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद सकून की मौत हो गई।सकून खेती-बाड़ी का काम करता था और उसके तीन बच्चे हैं।
आरोपी हर्ष को पुलिस ने हिरासत में लिया
पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपी हर्ष को हिरासत में ले लिया गया। वह बड़ौदामेव का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ समय से बाहर रह रहा था और कुछ दिन पहले ही वापस आया था।पुलिस की प्रारंभिक जांच में उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति को लेकर भी जानकारी सामने आने की बात कही गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रियंका रघुवंशी के अनुसार मेडिकल जांच के बाद ही उसकी मानसिक स्थिति के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
थाने से छोड़ने को लेकर सामने आए अलग-अलग दावे
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठा कि क्या आरोपी को पहले पुलिस थाने लाया गया था और फिर वहां से छोड़ दिया गया था।प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से दावा किया गया कि आरोपी ने थाने से जाते समय पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर कहा था कि उसे क्यों छोड़ा जा रहा है और वह बाहर जाकर हत्या करेगा। इसके बाद बाहर आकर उसने सकून पर हमला कर दिया।हालांकि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी ने आरोपी के थाने से निकलकर जाने की बात को गलत बताया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच में इस पूरे घटनाक्रम की भी पड़ताल की जा रही है।
आरोपी का पिता से भी विवाद होने की जानकारी
पुलिस के अनुसार आरोपी का कुछ दिन पहले अपने पिता से भी विवाद हुआ था। इस दौरान उसके पिता को चोट लगने की बात सामने आई है।बताया गया कि घटना से पहले आरोपी कुछ समय से बड़ौदामेव से बाहर रह रहा था और हाल में वापस आया था। पुलिस अब उसके पिछले घटनाक्रम और हत्या से पहले की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
हत्या के बाद बड़ौदामेव में प्रदर्शन और जाम
सकून की हत्या की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग बड़ौदामेव थाने के बाहर जमा हो गए। लोगों ने पुलिस कार्रवाई और घटना की जांच को लेकर नाराजगी जताई।प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी और संबंधित पुलिस स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन के दौरान अलवर-भरतपुर सड़क मार्ग पर जाम भी लगाया गया। स्थिति संभालने के लिए चार थानों की पुलिस के साथ QRT के जवान मौके पर बुलाए गए।
अलवर सामान्य अस्पताल के बाहर भी धरना
बाद में बड़ी संख्या में लोग अलवर पहुंचे। परिजन, ग्रामीण और कांग्रेस नेताओं ने सामान्य अस्पताल के गेट के बाहर भी धरना दिया।बताया गया कि यहां करीब छह घंटे तक प्रदर्शन चला। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद अलग-अलग स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
भीम आर्मी कार्यकर्ता पानी की टंकी पर चढ़े
घटना के विरोध में भीम आर्मी से जुड़े संजय प्रधान, अनिल जोनवाल और एक अन्य व्यक्ति शाम करीब चार बजे वन राज्यमंत्री संजय शर्मा के घर के सामने पानी की टंकी पर चढ़ गए।करीब एक घंटे की समझाइश के बाद वे नीचे उतरे। सर्व एकता समिति के प्रदेश अध्यक्ष शब्बीर खान ने भी मामले की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की।
पूर्व विधायक सफिया जुबेर भी पहुंचीं
घटनाक्रम के बाद रामगढ़ की पूर्व विधायक सफिया जुबेर खान भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।सफिया जुबेर ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए और मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मृतक के परिवार को मुआवजा और अन्य सहायता दिलाने की बात भी कही।उनका कहना था कि पुलिस जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
SIT को सौंपी गई मामले की जांच
लक्ष्मणगढ़ CO नागेंद्र कुमार के अनुसार मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। गोविंदगढ़ CI धीरेंद्र सिंह को हत्या की जांच सौंपी गई है।वहीं पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी करेंगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
देर रात कराया गया पोस्टमार्टम
जिला कलेक्टर के आदेश के बाद देर रात मृतक सकून के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अब हत्या से जुड़े साक्ष्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच कर रही है।मामले में आरोपी पुलिस हिरासत में है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।