अलवर नगर निगम की पहली मेयर सुमनलता अग्रवाल ने संभाला पदभार, पूजा-अर्चना के बाद कुर्सी पर बैठीं
अलवर नगर निगम की पहली महापौर सुमनलता अग्रवाल ने शुक्रवार को विधिवत पदभार संभाल लिया। नगर निगम कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने मेयर चेंबर में कुर्सी पर बैठने से पहले पंडित के मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने महापौर की कुर्सी संभाली। मौके पर मौजूद समर्थकों और परिचितों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी। पदभार ग्रहण के दौरान मेयर चेंबर में महिलाओं की भी अच्छी संख्या मौजूद रही।
पूजा-अर्चना के बाद संभाली महापौर की कुर्सी
सुमनलता अग्रवाल शुक्रवार सुबह नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। मेयर चेंबर में प्रवेश करने के बाद कुर्सी संभालने से पहले विधि-विधान से पूजा कराई गई।पंडित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद सुमनलता अग्रवाल ने महापौर की कुर्सी पर बैठकर औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला।पदभार ग्रहण के दौरान समर्थकों और परिचितों ने उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।
पहली महापौर बनने का मिला गौरव
नगर निगम बनने के बाद सुमनलता अग्रवाल अलवर की पहली निर्वाचित महापौर बनी हैं। उन्होंने वार्ड नंबर 7 से पार्षद का चुनाव जीता था।अब महापौर के रूप में उनके सामने पूरे नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी है। पदभार संभालने के साथ ही शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उनके लिए महत्वपूर्ण होंगे।
21 सितंबर को कांग्रेस प्रत्याशी को हराया था
इससे पहले 21 सितंबर को हुए अलवर नगर निगम के पहले महापौर चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को हराया था।सुमनलता अग्रवाल को कुल 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने 19 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।65 सदस्यीय नगर निगम में महापौर के चुनाव के लिए 33 वोटों का समर्थन जरूरी था।
भाजपा के पास अपने दम पर नहीं था बहुमत
महापौर चुनाव से पहले अलवर नगर निगम में भाजपा के 28 पार्षद थे। कांग्रेस के 23, निर्दलीय 13 और बसपा का एक पार्षद था।ऐसे में भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था। सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिलने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें भाजपा के अलावा अन्य पार्षदों का भी समर्थन मिला।किस निर्दलीय या अन्य पार्षद ने किस उम्मीदवार को वोट दिया, इसका आधिकारिक रूप से पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं है।
महिलाओं की रही खास मौजूदगी
पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान मेयर चेंबर में महिलाओं की काफी संख्या मौजूद रही। समर्थकों और परिचितों ने सुमनलता अग्रवाल का स्वागत किया।पूजा-अर्चना के बाद मिठाई बांटी गई और समर्थकों ने महापौर को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नगर निगम में नए बोर्ड के कामकाज को लेकर स्थानीय लोगों की भी नजर रहेगी।
सफाई, सड़क और जल निकासी पर रहेगी नजर
महापौर पद संभालने के बाद अब शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। सफाई व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं नगर निगम के कामकाज का अहम हिस्सा हैं।इसके अलावा शहर में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर भी महापौर के सामने कई जिम्मेदारियां रहेंगी। नए बोर्ड के कामकाज और प्राथमिकताओं पर अब शहरवासियों की नजर रहेगी।
अलवर नगर निगम के पहले बोर्ड ने संभाली जिम्मेदारी
सुमनलता अग्रवाल के पदभार संभालने के साथ अलवर नगर निगम के पहले निर्वाचित बोर्ड का कामकाज औपचारिक रूप से आगे बढ़ गया है।महापौर के सामने प्रशासनिक व्यवस्था और पार्षदों के साथ समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी। आने वाले दिनों में नगर निगम की बैठकों और विकास योजनाओं के जरिए बोर्ड की प्राथमिकताएं सामने आएंगी।