जोधपुर में BJP के प्रसन्नचंद मेहता बने महापौर, कांग्रेस प्रत्याशी को 8 वोट से हराया
जोधपुर नगर निगम को नया महापौर मिल गया है। शुक्रवार को हुए महापौर चुनाव में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी को 8 वोटों से हराया। प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 45 वोट पड़े। जीत के साथ ही जोधपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया है। चुनाव को देखते हुए नगर निगम कार्यालय और मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रसन्नचंद मेहता बने जोधपुर के नए महापौर
महापौर पद के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान पूरा होने के बाद मतगणना कराई गई। इसमें भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की।कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी को 45 वोट मिले। इस तरह प्रसन्नचंद मेहता ने 8 वोटों के अंतर से चुनाव जीत लिया। परिणाम सामने आने के बाद भाजपा समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
53 वोट BJP को, कांग्रेस को मिले 45
जोधपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में कुल 98 मत पड़े। भाजपा प्रत्याशी को 53 और कांग्रेस प्रत्याशी को 45 वोट मिले।चुनाव परिणाम के साथ ही नगर निगम में बोर्ड गठन को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई। भाजपा ने महापौर पद अपने नाम कर लिया है।
नगर निगम चुनाव में BJP के 45 पार्षद जीते थे
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान हुआ था। 14 सितंबर को 99 वार्डों की मतगणना पूरी हुई थी। वार्ड 50 के एक बूथ पर तकनीकी समस्या के कारण दोबारा मतदान कराया गया।17 सितंबर को वार्ड 50 के परिणाम के बाद भाजपा के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद निर्वाचित हुए। इसके अलावा एक RLP और 10 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की।इस संख्या के बाद महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी।
समर्थन को लेकर दोनों दलों के अलग-अलग दावे
महापौर चुनाव से पहले भाजपा ने 10 निर्दलीय पार्षदों में से सात के समर्थन का दावा किया था। वहीं कांग्रेस खेमे में एक RLP और तीन निर्दलीय पार्षदों के होने की बात कही जा रही थी।इन दावों के बीच शुक्रवार को मतदान हुआ। अंतिम परिणाम में भाजपा प्रत्याशी को 53 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी को 45 वोट मिले। मतदान में किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, इसका आधिकारिक वार्डवार विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मतदान की गोपनीयता पर कांग्रेस पार्षद ने उठाए सवाल
मतदान के बाद कांग्रेस पार्षद नरेश जोशी ने मतपत्रों पर सीरियल नंबर होने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि नंबर के जरिए मतदान की पहचान संभव होने पर वोट की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।नरेश जोशी ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह लंबे समय से चुनावों में मतदान करते रहे हैं, लेकिन इस व्यवस्था की जानकारी उन्हें मतदान के दिन मिली। यह उनकी ओर से उठाई गई आपत्ति है। इस संबंध में निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
मतदान के बाद भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हंगामा
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के बाहर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच हंगामे की स्थिति बन गई।दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इसी दौरान धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनने की बात सामने आई। हंगामे के दौरान एक गाड़ी का शीशा टूटने की जानकारी भी सामने आई है।पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और स्थिति को नियंत्रित किया।
कांग्रेस पार्षदों ने व्यवस्था पर जताई नाराजगी
कांग्रेस पार्षद प्रदीप गांग ने मतदान के बाद उन्हें बाहर भेजे जाने पर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि मतदान के बाद कांग्रेस पार्षदों को बाहर कर दिया गया, जबकि भाजपा के कुछ पार्षदों को दोबारा निगम परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए और प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की। यह कांग्रेस पार्षद की ओर से लगाया गया आरोप है।
कांग्रेस की बस रोके जाने पर भी हुआ विरोध
मतदान के लिए कांग्रेस पार्षदों को लेकर आ रही बस को पुलिस द्वारा रोके जाने की बात भी सामने आई। बस रोके जाने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध जताया।विरोध के बाद बस को मतदान के लिए आगे जाने दिया गया। चुनाव के दौरान पुलिस ने निगम परिसर और मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
सुरक्षा के लिए लगाए गए थे पुख्ता इंतजाम
महापौर चुनाव को देखते हुए नगर निगम कार्यालय और मतदान केंद्र के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था। मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के बाहर बैरिकेडिंग भी की गई थी।मतदान के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं। मतदान के बाद हुए हंगामे के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई गई।
अब भाजपा बोर्ड के कामकाज पर नजर
प्रसन्नचंद मेहता की जीत के साथ जोधपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया है। अब नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर नए बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।वहीं कांग्रेस की ओर से मतदान प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों के कारण चुनाव के दौरान हुई व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस जारी रह सकती है। फिलहाल महापौर पद का परिणाम भाजपा के पक्ष में रहा है और प्रसन्नचंद मेहता ने पद हासिल कर लिया है।