#राज्य-शहर

कोटा अस्पताल में महिला की मौत, पति का आरोप- दवा खत्म होने के बाद 20 मिनट तक लगाता रहा गुहार

कोटा के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि ICU में जीवनरक्षक दवा खत्म होने के बाद उन्होंने स्टाफ को सूचना दी, लेकिन समय पर दवा नहीं बदली गई। इसके करीब 20 मिनट बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। बाद में महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना दिया और जांच, कार्रवाई तथा मुआवजे की मांग की। हालांकि, अस्पताल अधीक्षक ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि महिला की हालत पहले से गंभीर थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था।

इलाज के दौरान रेखा की हुई मौत

संतोषी नगर निवासी रेखा की शुक्रवार देर रात नए अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, 14 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।शुरुआत में रेखा को श्वास रोग वार्ड में रखा गया। इसके बाद डॉक्टरों ने दोनों किडनी फेल होने की जानकारी दी और हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया।

पति ने दवा खत्म होने पर स्टाफ को दी सूचना

मृतका के पति सुरेंद्र का आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 2 बजे ICU में मशीन के जरिए दी जा रही एक दवा खत्म हो गई।सुरेंद्र के मुताबिक, उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी। उनका दावा है कि उन्होंने दवा दोबारा शुरू करने के लिए कई बार आग्रह किया। परिवार का आरोप है कि करीब 20 मिनट तक उन्हें इंतजार करना पड़ा।

दूसरी दवा भी खत्म होने का आरोप

परिजनों के अनुसार, इस दौरान दूसरी मशीन से एक अन्य दवा दी जा रही थी। वह दवा भी सुबह करीब 5 बजे खत्म हो गई।परिजनों का दावा है कि इसकी जानकारी भी वार्ड स्टाफ को दी गई। उनका आरोप है कि स्टाफ के आने और मशीन बंद करने के कुछ समय बाद रेखा की मौत हो गई।हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया

रेखा अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं। उनकी मौत के बाद बच्चों की जिम्मेदारी अब पति सुरेंद्र के ऊपर आ गई है।परिजनों का कहना है कि परिवार पहले से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है। महिला की मौत के बाद बच्चों की परवरिश को लेकर परिवार के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

परिजनों ने अस्पताल में दिया धरना

घटना के बाद शनिवार सुबह परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।महिला कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम भी परिजनों के समर्थन में धरने पर बैठीं। करीब आधे घंटे बाद समझाइश के बाद धरना समाप्त किया गया।इसके बाद परिजनों ने अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसमें मामले की जांच, संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई।

शालिनी गौतम ने स्टाफ पर उठाए सवाल

महिला कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंजेक्शन खत्म होने के बाद वार्ड बॉय को बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंचा।उन्होंने कहा कि मरीज की स्थिति गंभीर होने पर वार्ड स्टाफ को तत्काल संबंधित डॉक्टर को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने मामले की जांच कर यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।

अस्पताल अधीक्षक ने आरोपों से किया इनकार

नए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि रेखा अस्पताल में भर्ती होने के समय से ही गंभीर हालत में थीं।अधीक्षक के अनुसार, उन्हें दो दिन से डोपामाइन और नॉरएड्रेनालाइन जैसी जीवनरक्षक दवाएं दी जा रही थीं। इलाज के दौरान उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया था।

ICU में स्टाफ मौजूद होने का दावा

अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि ICU में रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय मौजूद थे। उनके मुताबिक, शुरुआती जानकारी में इलाज में लापरवाही जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।हालांकि, परिजनों की शिकायत के बाद मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दवा देने में कोई देरी हुई थी या नहीं और उसका महिला की मौत से कोई संबंध था या नहीं।

जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह

महिला की मौत के बाद अब मामले की जांच महत्वपूर्ण है। एक तरफ परिजन दवा समय पर नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन महिला की गंभीर हालत को मौत का कारण बता रहा है।जांच में ICU रिकॉर्ड, दवा देने का समय, मेडिकल चार्ट और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की जानकारी की समीक्षा की जा सकती है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *