E-Bus Sewa: राजस्थान में ई-बस सेवा का विस्तार, 1150 बसों का लक्ष्य; 229 पहुंचीं, 65 चार्जिंग स्टेशन तैयार
राजस्थान के शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की तैयारी तेज हो गई है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य को दो चरणों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से 229 ई-बसें राजस्थान पहुंच चुकी हैं। वहीं, आठ जिलों में इनके संचालन के लिए 65 चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा चुके हैं। सरकार का फोकस अब चार्जिंग नेटवर्क और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर है, ताकि नई बसों का संचालन जल्द शुरू किया जा सके।
राजस्थान में 1150 ई-बसों का लक्ष्य
पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बसों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। राज्य को दो चरणों में कुल 1150 ई-बसें मिलनी हैं।
इनमें से 229 बसें अब तक राज्य को मिल चुकी हैं। बाकी बसें चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध होने की उम्मीद है। सरकार इनके संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को पहले से तैयार करने पर जोर दे रही है।
8 जिलों में 65 चार्जिंग स्टेशन तैयार
ई-बसों के नियमित संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था है। अधिकारियों के अनुसार आठ जिलों में अब तक 65 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।
इन चार्जिंग स्टेशनों के जरिए बसों को नियमित संचालन के लिए तैयार रखा जाएगा। नई बसों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी होगा।
मुख्य सचिव ने की योजना की समीक्षा
योजना की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें स्थानीय स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा और अलवर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।
बैठक में अधिकारियों ने ई-बस सेवा की प्रगति और संचालन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।
चार्जिंग नेटवर्क समय पर पूरा करने के निर्देश
शासन सचिव रवि जैन ने प्रेजेंटेशन के जरिए योजना की अब तक की प्रगति बताई। इसके बाद मुख्य सचिव ने ई-बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों के संचालन से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं तैयार होनी चाहिए।
डिजिटल टिकटिंग और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट की सुविधा
पीएम ई-बस सेवा के तहत राजस्थान में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों में पारंपरिक ईंधन के बजाय इलेक्ट्रिक तकनीक का इस्तेमाल होगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में डिजिटल टिकटिंग और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इससे शहरों में सार्वजनिक परिवहन को तकनीक आधारित बनाने में मदद मिल सकती है।
जयपुर को सबसे ज्यादा 450 ई-बसें
ई-बस आवंटन में जयपुर को सबसे ज्यादा बसें मिलेंगी। योजना के तहत जयपुर के लिए 450 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं।
इसके अलावा जोधपुर और बीकानेर को 125-125 बसें मिलेंगी। अजमेर, अलवर और कोटा को 100-100 बसें आवंटित की गई हैं।
उदयपुर, सीकर और भीलवाड़ा को 50-50 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी।
किन शहरों को कितनी बसें?
योजना के तहत ई-बसों का आवंटन इस प्रकार बताया गया है:
- जयपुर: 450 बसें
- जोधपुर: 125 बसें
- बीकानेर: 125 बसें
- अजमेर: 100 बसें
- अलवर: 100 बसें
- कोटा: 100 बसें
- उदयपुर: 50 बसें
- सीकर: 50 बसें
- भीलवाड़ा: 50 बसें
इन शहरों में बसों की उपलब्धता के साथ चार्जिंग स्टेशन और अन्य सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएंगी।
सार्वजनिक परिवहन में बदलाव की तैयारी
1150 ई-बसों का पूरा बेड़ा उपलब्ध होने के बाद राजस्थान के प्रमुख शहरों की शहरी परिवहन व्यवस्था में विस्तार होगा। इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, बड़ी संख्या में बसों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के लिए चार्जिंग स्टेशन, रखरखाव, ड्राइवर-कंडक्टर व्यवस्था और रूट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को भी समय पर तैयार करना होगा।
सरकार की मौजूदा प्राथमिकता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित कार्यों को तय समय में पूरा करना है।