अलवर तीन दोस्तों की हत्या: आरोपियों का अस्पताल से लौटते वीडियो आया सामने, अब तक 6 गिरफ्तार
अलवर में तीन दोस्तों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो आरोपी अस्पताल से इलाज कराने के बाद पुलिस जाब्ते के साथ वापस लौटते नजर आ रहे हैं। इस दौरान अरावली विहार थाना प्रभारी सुनील टांक भी पुलिस टीम के साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार मामले में अब तक छह बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। शुरुआती तौर पर सड़क हादसा समझे गए इस मामले को पुलिस ने CCTV, परिजनों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद हत्या का मामला माना है।
अस्पताल से लौटते दिखे दो आरोपी
सामने आए वीडियो में दो आरोपी अस्पताल से इलाज कराने के बाद पुलिस के साथ लौटते दिखाई दे रहे हैं। दोनों को पुलिस सुरक्षा के बीच ले जाया जा रहा है। वीडियो में अरावली विहार थाना प्रभारी सुनील टांक भी पुलिस जाब्ते के साथ नजर आ रहे हैं।
आरोपियों को अस्पताल क्यों ले जाया गया था और उन्हें किस तरह की चोटें आई थीं, इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच का हिस्सा है।
तीन दोस्तों की मौत का मामला हत्या में बदला
शनिवार रात काली मोरी-मोती नगर के पास कार की टक्कर में जितेंद्र उर्फ छोटू राजपूत, युवराज उर्फ युवी सैनी और हिमांशु शर्मा की मौत हो गई थी।
शुरुआत में मामला सड़क हादसे का माना जा रहा था। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने इसे दुर्घटना मानने से इनकार किया। उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते हत्या किए जाने का आरोप लगाया और कई घंटे तक धरना देकर सड़क जाम किया।
CCTV और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से बदली जांच की दिशा
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार, जांच के दौरान CCTV फुटेज, परिजनों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की गई। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले को दुर्घटना के बजाय हत्या का मामला मानकर दर्ज किया।
एसपी के मुताबिक मृतकों और आरोपियों के बीच पहले से रंजिश होने की जानकारी सामने आई है। इसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका पुलिस जांच में सामने आई है।
अब तक छह बालिग आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मामले में अब तक छह बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में दो नामजद आरोपी शामिल हैं। वहीं नाबालिग का नाम FIR में दर्ज नहीं था। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुरानी रंजिश को हत्या की वजह मान रही पुलिस
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतकों और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश का तथ्य सामने आया है। पुलिस इसी रंजिश को वारदात के पीछे की संभावित वजह मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।
हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और पूरी वारदात की योजना किस तरह बनाई गई, इसका अंतिम खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
FIR में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि FIR में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की टीमें मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना से पहले तथा बाद में आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं।
केस ऑफिसर स्कीम में शामिल होगा मामला
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया जाएगा। पुलिस का प्रयास है कि जांच और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाकर आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की दिशा में काम किया जाए।
पुलिस अब CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बयानों और अन्य जांच सामग्री को आधार बनाकर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
पूरी साजिश का खुलासा जांच के बाद
तीन युवकों की मौत के बाद शुरू हुआ यह मामला अब हत्या की जांच तक पहुंच चुका है। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी पूरी साजिश का खुलासा होना बाकी है।
पुलिस के अनुसार जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि हत्या की योजना किसने बनाई, वारदात में कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे पुरानी रंजिश की क्या भूमिका रही। आने वाले दिनों में पुलिस की पूछताछ और जांच से मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।