अलवर में चुनावी धांधली के आरोपों पर सियासत गरम, टीकाराम जूली का SP पर हमला
अलवर नगर निगम चुनाव परिणाम के बीच चुनावी धांधली और पुलिस की भूमिका को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को शिकायतों को लेकर एसपी से मिलने मिनी सचिवालय पहुंचे। हालांकि, एसपी सुधीर चौधरी से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद जूली ने मीडिया के सामने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं और पार्षदों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि जूली ने फिलहाल मौखिक रूप से अपनी बातें रखी हैं। लिखित शिकायत मिलने पर तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
एसपी से मिलने मिनी सचिवालय पहुंचे टीकाराम जूली
टीकाराम जूली सोमवार को अलवर के मिनी सचिवालय पहुंचे। उनका उद्देश्य पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी से मुलाकात कर चुनाव से जुड़े कथित घटनाक्रम की शिकायत करना था। हालांकि, एसपी के मौजूद नहीं होने के कारण जूली की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने मीडिया से बातचीत में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही।
पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप
जूली ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विपक्ष से जुड़े कार्यकर्ताओं और पार्षदों को डराने-धमकाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मामलों में विपक्षी लोगों को उलझाने और दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस अधीक्षक और प्रशासन पर मिलकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।
‘तीन युवकों की मौत की चिंता नहीं, पार्षदों को पकड़ने की चिंता’
जूली ने अलवर शहर में हाल में हुई तीन युवकों की मौत के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में गंभीर घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस का ध्यान पार्षदों को पकड़ने पर ज्यादा है।
उन्होंने दावा किया कि कभी अकबरपुर, कभी नारनौल और कभी बस्सी से पुलिस भेजी जा रही है। जूली ने इसे चुनाव के बाद कांग्रेस और विपक्ष से जुड़े पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश बताया।
वार्ड 10 की निर्दलीय पार्षद को रोकने का आरोप
जूली ने मालाखेड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 से निर्वाचित निर्दलीय पार्षद गीता चौधरी से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उनके आरोप के मुताबिक, गीता चौधरी अपने वाहन से अलवर कांग्रेस कार्यालय की ओर जा रही थीं।
जूली का दावा है कि रास्ते में नौगांवा थाना प्रभारी हरदयाल और मालाखेड़ा थाना प्रभारी किरण ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का पार्षद ने विरोध किया।
गीता चौधरी ने भी पुलिस पर लगाए आरोप
निर्दलीय पार्षद गीता चौधरी ने भी घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार वह अपने भतीजे के साथ वाहन से जा रही थीं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके भतीजे को गाड़ी से नीचे उतार दिया और पुलिसकर्मी स्वयं वाहन चलाने लगे।
गीता चौधरी के मुताबिक, उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिस अधिकारियों से बहस की। इसके बाद उन्होंने अपने नेताओं को फोन कर मौके पर बुलाया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘SP एजेंट की तरह काम कर रहे हैं’
टीकाराम जूली ने एसपी सुधीर चौधरी पर बेहद गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक किसी के इशारे पर काम कर रहे हैं और अलवर में पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक तरीके से किया जा रहा है।
जूली ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस का काम मेयर और सभापति बनाना है तो वह खुद पार्षदों की सूची सौंप सकते हैं और फिर अपनी पसंद का बोर्ड बनवा सकते हैं। ये सभी आरोप जूली की ओर से लगाए गए हैं।
‘सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और प्रशासन को इसमें निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कथित चुनावी धांधली और पुलिस की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
जूली ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी।
पुलिस ने कहा- लिखित शिकायत मिलने पर होगी जांच
मामले में पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि टीकाराम जूली एसपी से मिलने आए थे और उन्होंने मौखिक रूप से अपनी शिकायतों से अवगत कराया है।
एएसपी के अनुसार, यदि नेता प्रतिपक्ष की ओर से लिखित प्रतिवेदन दिया जाता है तो मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
अब लिखित शिकायत और जांच पर टिकी नजर
अलवर में चुनाव परिणामों के बीच सामने आए इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को और गरमा दिया है। एक ओर टीकाराम जूली ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने के बाद तथ्यात्मक जांच का भरोसा दिया है।
अब जूली की ओर से लिखित शिकायत दिए जाने और पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और पुलिस की भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है।