रामगढ़ में निर्दलीयों का दबदबा, भाजपा-कांग्रेस दोनों बहुमत से दूर
रामगढ़ नगर पालिका चुनाव 2026 के नतीजों ने सत्ता का गणित पूरी तरह बदल दिया है। 35 वार्डों वाली नगर पालिका में भाजपा 13 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 8 वार्डों में जीत मिली। सबसे खास बात यह रही कि निर्दलीय प्रत्याशियों ने 14 सीटों पर कब्जा जमाकर दोनों प्रमुख दलों से ज्यादा सीटें हासिल कीं। बोर्ड गठन के लिए 18 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों को बहुमत के लिए निर्दलीयों का सहारा लेना पड़ेगा। अब रामगढ़ की सत्ता की चाबी इन्हीं 14 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है।
भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर
रामगढ़ नगर पालिका के चुनाव परिणामों में भाजपा ने 13 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस प्रदर्शन के साथ भाजपा 35 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी पांच सीट दूर है। बोर्ड बनाने के लिए भाजपा को कम से कम 18 पार्षदों का समर्थन चाहिए। ऐसे में पार्टी के सामने निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने की चुनौती होगी। चुनाव परिणाम यह भी संकेत दे रहे हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी बनना सत्ता हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आने वाले दिनों में भाजपा की रणनीति और निर्दलीयों के रुख पर सबकी नजर रहेगी।
कांग्रेस को 8 सीटों पर संतोष
कांग्रेस ने रामगढ़ नगर पालिका चुनाव में 8 वार्डों में जीत दर्ज की है। पार्टी भाजपा से पांच सीट पीछे है और बहुमत के आंकड़े से 10 सीट दूर है। ऐसे में कांग्रेस के लिए बोर्ड गठन की राह भाजपा के मुकाबले और चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रही है। हालांकि, सदन में निर्दलीयों की मजबूत मौजूदगी कांग्रेस के लिए संभावनाओं का रास्ता खुला रखती है। यदि निर्दलीय पार्षदों का पर्याप्त समर्थन कांग्रेस के पक्ष में आता है, तो पार्टी सत्ता के समीकरण में मजबूती से दावेदारी पेश कर सकती है। इसलिए कांग्रेस की नजर भी अब 14 निर्दलीय पार्षदों के अगले कदम पर टिकी है।
14 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में सत्ता की चाबी
रामगढ़ चुनाव की सबसे बड़ी कहानी निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन है। 14 वार्डों में जीत हासिल कर निर्दलीय पार्षद सदन में सबसे बड़ा समूह बनकर सामने आए हैं। भाजपा के 13 और कांग्रेस के 8 पार्षदों के मुकाबले निर्दलीयों की संख्या एक सीट अधिक है। यही वजह है कि बोर्ड गठन में उनकी भूमिका निर्णायक हो गई है। यदि 14 निर्दलीय एकजुट होकर किसी एक पक्ष का समर्थन करते हैं, तो सत्ता का रास्ता काफी हद तक साफ हो सकता है। वहीं अलग-अलग गुटों में बंटने की स्थिति में रामगढ़ की सियासत और अधिक पेचीदा हो सकती है।
35 वार्डों में ऐसा रहा चुनावी गणित
रामगढ़ नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं और बहुमत के लिए 18 पार्षदों की जरूरत है। परिणामों के अनुसार भाजपा के खाते में 13, कांग्रेस के खाते में 8 और निर्दलीयों के खाते में 14 सीटें आई हैं। यानी भाजपा और कांग्रेस को मिलाकर 21 सीटें हैं, जबकि निर्दलीय 14 सीटों के साथ निर्णायक स्थिति में हैं। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर किसी भी दल के पास अपने दम पर बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। ऐसे में अब जोड़-तोड़, समर्थन और संभावित गठजोड़ की राजनीति रामगढ़ नगर पालिका की अगली तस्वीर तय कर सकती है।बाकी वार्डों में भी बदला सियासी समीकरण
वार्ड 16 से प्रेम भाजपा, वार्ड 17 से नूर मोहम्मद निर्दलीय, वार्ड 18 से गंगा देवी निर्दलीय, वार्ड 19 से रामपाल सैनी भाजपा और वार्ड 20 से राजकुमार एडवोकेट भाजपा विजयी हुए। वार्ड 21 से अनिता, वार्ड 22 से ताराबाई और वार्ड 26 से हितेश बसवाल निर्दलीय रहे। वार्ड 23 से महावीर, वार्ड 24 से निशिन्दर कौर, वार्ड 25 से परविन्दर राजन और वार्ड 28 से नीशा भाजपा से जीते। वार्ड 27 से सेवाराम और वार्ड 29 से विश्राम निर्दलीय विजेता रहे। वार्ड 30 से मोहम्मद इंसाफ और वार्ड 31 से सुमरदीन कांग्रेस विजयी हुए।
अब बोर्ड गठन पर टिकी निगाहें
बाकी परिणामों में वार्ड 32 से मोहनलाल निर्दलीय, वार्ड 33 से सुन्दर भाजपा, वार्ड 34 से भुवनेश निर्दलीय और वार्ड 35 से शिखा भाजपा विजयी रहीं। इस तरह पूरे 35 वार्डों का परिणाम सामने आने के बाद तस्वीर साफ है कि रामगढ़ में बोर्ड गठन आसान नहीं होगा। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन बहुमत से पांच कदम दूर है। कांग्रेस की संख्या और कम है, जबकि निर्दलीयों के पास निर्णायक 14 सीटें हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्दलीय किसके साथ खड़े होते हैं और क्या वे एकजुट होकर किसी एक दल को सत्ता तक पहुंचाते हैं।
वार्डवार विजेताओं की पूरी सूची:–
| 1 | सोहेल खां | कांग्रेस |
| 2 | महमूदी | कांग्रेस |
| 3 | जुबेर | कांग्रेस |
| 4 | पुष्पा | कांग्रेस |
| 5 | ताहिर | निर्दलीय |
| 6 | खुर्शीदन | निर्दलीय |
| 7 | गुरबख्श | कांग्रेस |
| 8 | उपासना | निर्दलीय |
| 9 | अविनाश | भाजपा |
| 10 | अंजू शर्मा | निर्दलीय |
| 11 | विश्राम | कांग्रेस |
| 12 | परमानन्द | भाजपा |
| 13 | नन्दकिशोर | निर्दलीय |
| 14 | सूर्यदेव | भाजपा |
| 15 | दीपिका तंवर | भाजपा समर्थित निर्विरोध |
| 16 | प्रेम | भाजपा |
| 17 | नूर मोहम्मद | निर्दलीय |
| 18 | गंगा देवी | निर्दलीय |
| 19 | रामपाल सैनी | भाजपा |
| 20 | राजकुमार एडवोकेट | भाजपा |
| 21 | अनिता | निर्दलीय |
| 22 | ताराबाई | निर्दलीय |
| 23 | महावीर | भाजपा |
| 24 | निशिन्दर कौर | भाजपा |
| 25 | परविन्दर राजन | भाजपा |
| 26 | हितेश बसवाल | निर्दलीय |
| 27 | सेवाराम | निर्दलीय |
| 28 | नीशा | भाजपा |
| 29 | विश्राम | निर्दलीय |
| 30 | मोहम्मद इंसाफ | कांग्रेस |
| 31 | सुमरदीन | कांग्रेस |
| 32 | मोहनलाल | निर्दलीय |
| 33 | सुन्दर | भाजपा |
| 34 | भुवनेश | निर्दलीय |
| 35 | शिखा | भाजपा |