Rajasthan ACB: चौथ का बरवाड़ा के Ex-SHO महेंद्र शर्मा पर FIR, बजरी ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 1 लाख रिश्वत मांगने का आरोप
सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाने के पूर्व SHO महेंद्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने FIR दर्ज की है। आरोप है कि बजरी से भरे चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छोड़ने के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। ACB के शिकायत सत्यापन में कथित रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ी। सत्यापन के दौरान रकम 50 हजार रुपए में तय होने की बात सामने आई। मामले में परिवादी और तत्कालीन SHO के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग को भी जांच का अहम आधार बनाया गया है। FIR भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दर्ज की गई है।
चार बजरी ट्रैक्टर छोड़ने के बदले रिश्वत का आरोप
ACB के अनुसार परिवादी सरदार गुर्जर ने इस मामले में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चौथ का बरवाड़ा थाने के तत्कालीन SHO महेंद्र शर्मा ने बजरी से भरे चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा था। इन्हें बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़ने के बदले कथित तौर पर 1 लाख रुपए की मांग की गई। इसके अलावा आगे बजरी परिवहन में रुकावट नहीं डालने के बदले भी रकम मांगने का आरोप लगाया गया। शिकायत मिलने के बाद ACB ने नियमानुसार सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की।
सत्यापन के दौरान 50 हजार रुपए पर सौदा तय होने का दावा
ACB की सत्यापन कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई। एजेंसी के मुताबिक इस दौरान कथित तौर पर 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। सत्यापन प्रक्रिया में बातचीत से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए। ACB ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल ACB ने मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
कॉल रिकॉर्डिंग बनी जांच का अहम आधार
मामले में परिवादी और महेंद्र शर्मा के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत की रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। ACB के अनुसार रिकॉर्डिंग में कथित रिश्वत की रकम और ट्रैक्टरों से जुड़ी बातचीत सामने आई है। सत्यापन के दौरान जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा। जांच एजेंसी अब रिकॉर्डिंग की प्रमाणिकता और बातचीत के पूरे संदर्भ की जांच करेगी। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज और परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे।
धारा 7 के तहत दर्ज हुई FIR
जयपुर स्थित ACB मुख्यालय के निर्देश पर महेंद्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। जांच अधिकारी की जिम्मेदारी CI सुभाष मील को सौंपी गई है। ACB अब शिकायत, सत्यापन रिपोर्ट, रिकॉर्डेड बातचीत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
नवंबर 2025 में संभाला था चौथ का बरवाड़ा थाने का जिम्मा
महेंद्र शर्मा ने नवंबर 2025 में चौथ का बरवाड़ा थाने के SHO के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद जुलाई 2026 में उनका ट्रांसफर धौलपुर जिले के बाड़ी में कर दिया गया। फिलहाल वे बाड़ी में SHO के पद पर तैनात बताए जा रहे हैं। चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बजरी परिवहन और अवैध खनन से जुड़े मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में इस FIR के बाद पुलिस महकमे में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ACB अब अन्य पहलुओं की भी करेगी जांच
FIR दर्ज होने के बाद ACB की जांच सिर्फ कथित रिश्वत मांग तक सीमित नहीं रहेगी। एजेंसी यह भी देख सकती है कि शिकायत से जुड़े वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा कथित लेन-देन और संबंधित पुलिस कार्रवाई के बीच क्या संबंध था, इसकी भी जांच होगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल मामले में आरोपों की जांच जारी है।