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Alwar News: तीन दोस्तों की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; शव लेने से किया इनकार

अलवर शहर के मोती नगर इलाके में शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत के बाद मामला गरमा गया। तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक और कार करीब पांच फीट ऊंची नाले की दीवार से जा टकराईं। टक्कर के बाद एक युवक नाले में जा गिरा, जबकि दो सड़क पर मृत मिले। मृतकों की पहचान हिमांशु शर्मा, छोटू राजपूत और युवराज सैनी के रूप में हुई है। हालांकि, परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार किया है। उन्होंने साजिश के तहत हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

परिजनों ने हादसे को बताया साजिश

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि युवराज सैनी का कॉलोनी के ही कुछ युवकों से विवाद चल रहा था। परिजनों ने सचिन मीणा और सागर पर संदेह जताया है। उनका दावा है कि इसी विवाद के चलते तीनों दोस्तों को कार से टक्कर मारकर जान से मारने की साजिश रची गई।

हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं की है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला सड़क हादसा है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।

शव लेने से किया इनकार, अस्पताल के बाहर धरना

घटना के बाद पुलिस ने तीनों शवों को राजीव गांधी सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। रविवार को परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करने समेत कई मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

मांगें पूरी नहीं होने पर परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगाया गया। बाद में परिजन जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। इससे अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।

50-50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की मांग

धरने पर बैठे परिजनों ने मृतकों के परिवारों के लिए 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है। इसके अलावा आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई है।

परिजनों की प्रमुख मांगों में सचिन मीणा और सागर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करना शामिल है। वे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, डीएसपी सिटी राजेश कसाना और थाना प्रभारी सुनील टांक मौके पर मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने धरने पर बैठे परिजनों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया।

पुलिस हादसे के कारणों की जांच के साथ हत्या के आरोपों को भी गंभीरता से देख रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य परिस्थितियां जांच का हिस्सा हैं। पुलिस की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

टीकाराम जूली ने की निष्पक्ष जांच की मांग

तीन युवकों की मौत के मामले में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। जूली ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

फिलहाल तीनों मृतकों के परिजन शव लेने से इनकार कर धरने पर बैठे हैं। सड़क हादसे से शुरू हुआ मामला हत्या के आरोपों के बाद गंभीर विवाद में बदल गया है। अब पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर है।

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Stv News Rajasthan

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