PM मोदी को रूस आने का न्योता, पुतिन से मुलाकात में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
खबर का सारांश
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। शिखर सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सुविधा के अनुसार राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी।
राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग समेत कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसके अलावा ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल विकास और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा रहे। दोनों नेताओं ने भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को आगे मजबूत करने पर जोर दिया।
INNOPROM India को लेकर भी चर्चा
दोनों नेताओं ने रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘INNOPROM India’ के भारत में पहली बार आयोजन का स्वागत किया। यह प्रदर्शनी 9 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित की गई। इसे भारत और रूस के बीच औद्योगिक एवं व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने प्रदर्शनी का दौरा किया और वहां मौजूद प्रतिभागियों से बातचीत भी की।
BRICS सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर मंथन
बैठक में भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत बहुपक्षीय सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों सहित प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार साझा किए। इसके साथ ही इन संघर्षों के कारण समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर भी चर्चा हुई।
मोदी बोले- संवाद और कूटनीति से निकलेगा समाधान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया कि मौजूदा संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। उन्होंने शांति प्रयासों में सहयोग के लिए भारत की तत्परता भी जाहिर की। दोनों नेताओं ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत और रूस के संबंधों को मजबूत और लचीला बताया। साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रखने पर सहमति जताई।
24वें वार्षिक शिखर सम्मेलन पर अब नजर
राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद अब 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तारीख तय होना बाकी है। दोनों देशों के बीच राजनयिक माध्यमों से तारीख पर सहमति बनाई जाएगी। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में आगामी शिखर सम्मेलन में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा की उम्मीद है।