अलवर सेंट्रल जेल के खुले बंदी शिविर से उम्रकैद का कैदी फरार
इंट्रो:
अलवर सेंट्रल जेल के खुले बंदी शिविर से उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी फरार हो गया। रविवार सुबह नियमित परेड और कैदियों की गिनती के दौरान उसके गायब मिलने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कैदी की तलाश में जेल प्रशासन और पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार कैदी की पहचान गोपाल उर्फ रामगोपाल के रूप में हुई है, जिसे हत्या और आयुध अधिनियम के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
सुबह गिनती के दौरान गायब मिला कैदी
जेल प्रशासन के अनुसार 6 सितंबर की सुबह खुले बंदी शिविर में कैदियों की नियमित परेड और गिनती कराई जा रही थी। इसी दौरान गोपाल उर्फ रामगोपाल हाजरी में मौजूद नहीं मिला। कैदी के गायब होने की जानकारी सामने आते ही जेल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू की। उसके आवास गृह की तलाशी लेने के साथ खुले बंदी शिविर और आसपास के इलाके में भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
हत्या और आयुध अधिनियम में मिली थी उम्रकैद
पुलिस के अनुसार फरार कैदी गोपाल उर्फ रामगोपाल पुत्र किशनलाल, नांगल रूपा, थाना खेड़ली, अलवर का रहने वाला है। उसे अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, कठूमर की अदालत ने हत्या और आयुध अधिनियम से जुड़े मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने 23 सितंबर 2022 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद वह अलवर सेंट्रल जेल के खुले बंदी शिविर में सजा काट रहा था।
मोबाइल नंबर पर भी नहीं हो सका संपर्क
कैदी के गायब मिलने के बाद जेल प्रशासन ने रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर के जरिए उससे संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि मोबाइल पर इनकमिंग कॉल बंद होने के कारण उससे संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद जेल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और फरार कैदी की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
प्रहरी ने कोतवाली थाने में दी रिपोर्ट
केंद्रीय कारागृह अधीक्षक कार्यालय की ओर से प्रहरी सतीश चंद शर्मा ने कोतवाली थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने फरार कैदी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 262 और धारा 58-बी कारागृह संशोधन अधिनियम 2015 के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस ने शुरू की फरार कैदी की तलाश
मामले की जांच एएसआई बृजेन्द्र को सौंपी गई है। पुलिस फरार कैदी की तलाश में संभावित ठिकानों और आसपास के इलाकों में जानकारी जुटा रही है। जेल प्रशासन की ओर से भी खुले बंदी शिविर में कैदी की मौजूदगी और फरारी से जुड़े घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैदी किस तरह शिविर से बाहर निकला और फरारी के बाद वह कहां गया।
खुले बंदी शिविर की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी के खुले बंदी शिविर से फरार होने की घटना ने जेल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। नियमित गिनती के दौरान कैदी के गायब होने का पता चला। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि फरारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस फरार कैदी को तलाश कर वापस हिरासत में लेने पर है।