तेज रफ्तार कार की टक्कर से दो युवकों की मौत, 6 घंटे तक सड़क जाम
इंट्रो:
अलवर के मालाखेड़ा में सोमवार को भड़कोल बस स्टैंड के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार मारुति कार की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग जाम कर दिया। करीब छह घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण रोडवेज बसों, सरकारी कर्मचारियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।
तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार भड़कोल बस स्टैंड के पास एक दूध विक्रेता बाइक से जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति कार ने उसे टक्कर मार दी। हादसे की चपेट में पास खड़ा एक अन्य व्यक्ति भी आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे।
राम सिंह सैनी और करण सिंह यादव की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान राम सिंह सैनी और करण सिंह यादव के रूप में हुई है। दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए सहायता तथा अन्य मांगों को लेकर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शव सड़क पर रखकर छह घंटे किया प्रदर्शन
दो युवकों की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग जाम कर दिया। करीब छह घंटे तक सड़क पर यातायात बाधित रहा। इस दौरान रोडवेज बसों के साथ सरकारी कर्मचारियों और आम राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
50 लाख मुआवजे समेत रखीं कई मांगें
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों ने मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, सरकार की पात्र योजनाओं का लाभ और नियमानुसार बीमा एवं अन्य क्लेम दिलाने की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए मृतकों के परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे
सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मालाखेड़ा उपखंड अधिकारी पिंकी गुर्जर, तहसीलदार, थाना अधिकारी और ग्रामीण पुलिस उपाधीक्षक समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
समझाइश के बाद बहाल हुआ यातायात
पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार समझाइश के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद सड़क से शव हटाए गए और करीब छह घंटे बाद मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। हादसे के बाद पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार वाहन और हादसे की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।