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अंकित बालियान केस में गोगी गैंग का कनेक्शन, फिर खुली टिल्लू-गोगी गैंगवार की पुरानी कहानी

हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या की जांच में गोगी गैंग से जुड़े लोगों का नाम सामने आने के बाद दिल्ली-NCR की पुरानी गैंगवार एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक, मामले में मुठभेड़ में मारे गए दोनों शूटरों का संबंध गोगी गैंग से बताया जा रहा है। जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि अंकित की हत्या के पीछे कथित साजिश क्या थी और इसका पुरानी टिल्लू ताजपुरिया-जितेंद्र गोगी दुश्मनी से कितना संबंध है। इसी कड़ी ने करीब डेढ़ दशक पुराने गैंगवार के इतिहास को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

गोगी गैंग से कैसे जुड़ा अंकित बालियान हत्याकांड?

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को गोगी गैंग से कथित कनेक्शन के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, अंकित की हत्या में शामिल बताए जा रहे शूटर मोहित और सुमित को गोगी गैंग से जुड़ा बताया गया था। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था और बाद में पुलिस मुठभेड़ में दोनों मारे गए। जांच एजेंसियां अब केवल शूटर्स की भूमिका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हत्या की कथित साजिश, आदेश देने वाले लोगों और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इसी जांच ने पुरानी गैंगवार को भी चर्चा में ला दिया है।

एक गाने से हत्या का एंगल भी जांच में

पुलिस की जांच में अंकित की हत्या के पीछे एक गाने को लेकर भी एंगल सामने आया है। बताया जा रहा है कि जितेंद्र मान उर्फ गोगी की मौत के बाद अंकित की ओर से तैयार कराया गया एक गाना कथित तौर पर गैंग से जुड़े लोगों को नागवार गुजरा था। इसी वजह से हत्या को बदले की कार्रवाई के संभावित एंगल से भी देखा जा रहा है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और साजिश में किसकी भूमिका थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी संभावित कनेक्शनों की पड़ताल कर रही है।

टिल्लू और गोगी की दुश्मनी कैसे शुरू हुई?

टिल्लू ताजपुरिया और जितेंद्र गोगी के बीच दुश्मनी दिल्ली-NCR की चर्चित गैंगवार में बदल गई थी। दोनों कभी एक ही आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बताए जाते थे, लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए और दोनों गुट आमने-सामने आ गए। इसके बाद वर्चस्व और बदले की कार्रवाई का सिलसिला बढ़ता गया। समय के साथ दोनों गैंग के बीच टकराव कई हिंसक घटनाओं से जुड़ता गया। पुलिस और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में यह गैंगवार लंबे समय तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के संघर्ष की बड़ी कहानी बनी रही।

तिहाड़ में टिल्लू ताजपुरिया की हुई थी हत्या

2 मई 2023 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया पर हमला हुआ था। जेल के भीतर उस पर धारदार और लोहे की वस्तुओं से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। गंभीर रूप से घायल टिल्लू को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। टिल्लू ताजपुरिया का वास्तविक नाम सुनील बालियान था और उसे जितेंद्र गोगी का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। उसकी हत्या के बाद गोगी गैंग और टिल्लू गैंग के बीच चली पुरानी दुश्मनी एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थी।

गोगी की हत्या के बाद बदली गैंगवार की तस्वीर

जितेंद्र गोगी की भी सितंबर 2021 में दिल्ली की रोहिणी अदालत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट परिसर में वकीलों की वेशभूषा में पहुंचे हमलावरों ने उस पर फायरिंग की थी। इसके बाद गोगी गैंग की कमान और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर पुलिस की निगरानी बढ़ी। दूसरी ओर टिल्लू ताजपुरिया को गोगी का प्रमुख विरोधी माना जाता था। बाद में तिहाड़ में टिल्लू की हत्या ने दोनों गुटों के बीच बदले की कहानी को और गहरा कर दिया। अब अंकित बालियान केस में गोगी गैंग का कथित कनेक्शन सामने आने से वही पुराना अध्याय फिर चर्चा में है।

अब पुलिस की नजर पूरे नेटवर्क पर

अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित साजिश की पूरी कड़ी तक पहुंचना है। शूटरों की पहचान और उनके कथित गैंग कनेक्शन के बाद अब जांच यह पता लगाने पर केंद्रित है कि हत्या का आदेश किसने दिया, इसके पीछे क्या मकसद था और क्या इसका संबंध पुरानी गैंगवार से है। फिलहाल इन पहलुओं पर जांच जारी है। ऐसे में अंकित बालियान केस सिर्फ एक हत्या की जांच नहीं रह गया है, बल्कि इसके जरिए दिल्ली-NCR में लंबे समय से चले आ रहे गैंग नेटवर्क और आपसी दुश्मनी की कई पुरानी कड़ियां भी जांच के दायरे में आती दिख रही हैं।

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Stv News Rajasthan

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