सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अभिजीत दीपके बोले- ‘ये हर उस इंसान की जीत है जो सड़कों पर उतरा’
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सामने आई है। दीपके ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए न्याय है, जिन्होंने NEET पेपर लीक विवाद के दौरान अपनी आवाज उठाई। उन्होंने उन परिवारों का भी जिक्र किया, जिन्होंने कथित पेपर लीक विवाद के बीच अपने बच्चों को खो दिया।
‘आज सही मायनों में हुआ इंसाफ’
अभिजीत दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दीपके के मुताबिक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोगों ने जिस मुद्दे को लेकर आवाज उठाई थी, उस संघर्ष को अदालत के फैसले से एक नई दिशा मिली है। उन्होंने इसे उन सभी लोगों के लिए न्याय बताया, जो प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरे थे।
‘पेपर लीक विवाद से प्रभावित परिवारों को भी न्याय’
दीपके ने अपने बयान में NEET पेपर लीक विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य उन विद्यार्थियों और परिवारों की आवाज उठाना था, जो इस पूरे विवाद से प्रभावित हुए। उन्होंने उन बच्चों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कथित तौर पर विवाद के दौरान आत्महत्या कर ली थी। दीपके ने कहा कि ऐसे परिवारों के दर्द और उनकी मांगों को सामने लाना जरूरी था। उनके मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का फैसला प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ उन परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया।
‘यह सिर्फ जंतर-मंतर की लड़ाई नहीं थी’
अभिजीत दीपके ने कहा कि इस आंदोलन को केवल जंतर-मंतर तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने NEET से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन लोकतंत्र में अपनी बात रखना और सवाल उठाना महत्वपूर्ण है। दीपके ने कहा कि चाहे किसी व्यक्ति ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया हो या देश के किसी अन्य हिस्से में अपनी आवाज उठाई हो, सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी के लिए मायने रखता है।
‘हर उस व्यक्ति की जीत जिसने आवाज उठाई’
दीपके ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन सभी लोगों की जीत है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों के लिए यह सिर्फ कानूनी राहत का विषय नहीं है, बल्कि उनके लोकतांत्रिक अधिकार और विरोध दर्ज कराने के अधिकार से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति ने अपनी आवाज किस तरीके से उठाई, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उसने अन्याय या अपने सवालों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने फैसले को आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CJP की ओर से आई यह प्रतिक्रिया राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन सकती है। दीपके ने फैसले को आंदोलन की नैतिक जीत के तौर पर पेश किया है। हालांकि, अदालत के फैसले और उसके विस्तृत कानूनी आधार को अलग से देखना जरूरी है। प्रदर्शन, NEET विवाद और उससे जुड़े मामलों को लेकर पहले भी अलग-अलग स्तर पर बहस होती रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस पूरे मामले पर आगे की राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।