जयपुर के मूक-बधिर स्कूल में छात्रों का अनोखा प्रदर्शन, सांकेतिक भाषा में रखीं मांगें; प्रिंसिपल रिलीव
जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर द डेफ के छात्रों ने हॉस्टल, शिक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर सांकेतिक भाषा, तख्तियों और लिखित संदेशों के माध्यम से प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चले विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया और छात्रों की शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
सांकेतिक भाषा में दर्ज कराया विरोध, स्कूल के बाहर बैठे छात्र
बुधवार सुबह स्कूल पहुंचने के बाद मूक-बधिर छात्र-छात्राओं ने नियमित कक्षाओं का बहिष्कार कर स्कूल के बाहर धरना शुरू कर दिया। अपनी बात रखने के लिए उन्होंने सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज), पोस्टर और लिखित संदेशों का सहारा लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट को बाहर से बंद कर दिया, जिससे प्रिंसिपल और कुछ शिक्षक परिसर के भीतर ही रहे। सूचना मिलने पर पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा छात्रों से संवाद स्थापित कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
हॉस्टल, भोजन और शिक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्रों ने स्कूल प्रशासन को सौंपे गए शिकायत पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए। उनका आरोप था कि हॉस्टल में पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता, सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी खराब है। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि कुछ मामलों में अभिभावकों से बात कराने अथवा अस्पताल ले जाने के नाम पर पैसे लिए जाते हैं। इसके अलावा इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) में प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी, कुछ शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं नहीं लेने और एक पुरुष स्टाफ सदस्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की गई।
शिक्षा विभाग का आश्वासन, प्रिंसिपल को किया रिलीव
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आशा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल भरत जोशी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त (रिलीव) किया गया है। विभाग ने सात दिनों के भीतर प्रमुख समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और स्कूल परिसर में लौट गए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन राजनीतिक बयानों पर सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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