‘पार्टी कब है’ WhatsApp ग्रुप से बनता था लूट का प्लान, बांसवाड़ा पुलिस ने 7 किमी पीछा कर तीन आरोपी दबोचे
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में निजी यात्री बस पर पथराव और यात्रियों को धमकाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल से ‘पार्टी कब है’ नाम का व्हाट्सएप ग्रुप मिला, जिसमें कथित तौर पर राहगीरों और वाहनों से अवैध वसूली की योजना बनाई जाती थी। दो आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नदी के बैकवॉटर में छलांग लगा दी, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
बस पर पथराव के बाद शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई
घटना आनंदपुरी थाना क्षेत्र की बरकोटा घाटी की है। पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात बांसवाड़ा से अहमदाबाद जा रही एक निजी यात्री बस को कुछ युवकों ने रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि बस नहीं रुकने पर उस पर पथराव किया गया और चालक व यात्रियों को धमकाया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
7 किलोमीटर पीछा, नदी में कूदे आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने पहले एक आरोपी रोहित को गिरफ्तार किया। वहीं, उसके दो साथी मोटरसाइकिल से भाग निकले। पुलिस टीम ने उनका करीब सात किलोमीटर तक पीछा किया। गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में दोनों आरोपी अनास नदी के बैकवॉटर में कूद गए। पुलिस के समझाने के बावजूद जब वे बाहर नहीं आए तो एक पुलिसकर्मी ने पानी में उतरकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
मोबाइल जांच में मिला ‘पार्टी कब है’ व्हाट्सएप ग्रुप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान ‘पार्टी कब है’ नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस का दावा है कि इस ग्रुप के माध्यम से कथित तौर पर शराब पार्टी के लिए पैसे जुटाने और राहगीरों या गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली की योजना बनाई जाती थी। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ग्रुप के जरिए पहले भी ऐसी वारदातों की योजना बनाई गई थी या नहीं। इन दावों की जांच अभी जारी है।
गिरोह के अन्य सदस्यों और पुरानी वारदातों की जांच
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित, मानशंकर और प्रकाश के रूप में की है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बस पर पथराव की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार करने का दावा पुलिस ने किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा क्या इनका संबंध अन्य आपराधिक घटनाओं से भी है। पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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