बांकीपुर उपचुनाव में BJP के प्रदर्शन पर मंथन, संजय सरावगी बोले- कम वोट मिलने की होगी समीक्षा
बांकीपुर में कमजोर प्रदर्शन से भाजपा में चिंता
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के रुझानों और नतीजों को लेकर बिहार भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्वीकार किया कि भाजपा प्रत्याशी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी यह पता लगाएगी कि मजबूत संगठन और विकास कार्यों के दावों के बावजूद वोटों में कमी क्यों आई। हालांकि उन्होंने चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई भी दी। उन्होंने भरोसा जताया कि बांकीपुर भाजपा की प्राथमिकता में पहले भी था और आगे भी रहेगा।
विकास कार्यों के बावजूद नहीं मिला अपेक्षित समर्थन
संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा ने बांकीपुर क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए हैं और जनता के हित में कई योजनाएं लागू की गईं। इसके बावजूद चुनाव में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और पार्टी अब हार के कारणों का विश्लेषण करेगी। समीक्षा के दौरान बूथ स्तर से लेकर चुनावी रणनीति तक सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, ताकि भविष्य में कमियों को दूर किया जा सके।
चुनाव से पहले BJP ने किया था जीत का दावा
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार भाजपा ने शुरुआत से ही जीत का दावा किया था। पार्टी नेताओं का कहना था कि यह सीट भाजपा की परंपरागत सीट रही है और जनता एक बार फिर पार्टी के पक्ष में मतदान करेगी। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि भाजपा उम्मीदवार बड़ी जीत दर्ज करेंगे। लेकिन शुरुआती रुझानों में पार्टी प्रत्याशी को बढ़त नहीं मिलने से चुनावी तस्वीर बदलती नजर आई।
प्रशांत किशोर पर लगाए चुनावी आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जन सुराज की ओर से बाहरी लोगों को बुलाया गया और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के भी आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों को लेकर प्रशांत किशोर की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आई है।
बांकीपुर को लेकर भाजपा का दावा बरकरार
संजय सरावगी ने कहा कि बांकीपुर भाजपा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है और पार्टी यहां जनता के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम से संगठन को सीख लेने का मौका मिला है। भाजपा अब बूथ स्तर पर समीक्षा कर यह समझने की कोशिश करेगी कि किन कारणों से मतदाताओं का समर्थन कम हुआ। आने वाले चुनावों को देखते हुए पार्टी अपनी रणनीति में जरूरी बदलाव करेगी।