राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर बड़ी पहल: आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज में बनेगा ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर
अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था को मिलेगा नया आधार, जागरूकता बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण की व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा की गई। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही अत्याधुनिक ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ब्रेन-डेड मरीजों से अंगों के सुरक्षित संग्रहण, संरक्षण और समयबद्ध प्रत्यारोपण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।
राज्यपाल बोले- अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने का सर्वोच्च मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि ब्रेन-डेड व्यक्ति के अंग कई गंभीर मरीजों को नया जीवन दे सकते हैं। राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बेहतर हो रही हैं, लेकिन विकसित देशों की तुलना में यहां अंगदान की दर अभी भी काफी कम है, जबकि हजारों मरीज प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा में हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर
आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि प्रस्तावित ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर आधुनिक तकनीक और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित होगा। इसके माध्यम से अंगों के सुरक्षित संग्रहण, वैज्ञानिक संरक्षण और विभिन्न अस्पतालों तक समयबद्ध परिवहन की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाएगा। इससे अंग प्रत्यारोपण की सफलता दर बढ़ने के साथ जरूरतमंद मरीजों तक समय पर अंग उपलब्ध कराना आसान होगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जनभागीदारी से ही सफल होगा अंगदान अभियान
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि अंगदान अभियान को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। ब्रेन-डेथ की स्थिति में हृदय, लीवर, किडनी, फेफड़े सहित कई महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित रूप से दान किए जा सकते हैं, जिससे कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इस अवसर पर अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। वक्ताओं ने समाज से अपील की कि अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर इसे जनआंदोलन बनाया जाए।