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अशोक गहलोत का बड़ा दावा: ‘अगली बार राजस्थान में कांग्रेस सरकार तय’, बीजेपी और परिसीमन पर साधा निशाना

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य और राष्ट्रीय राजनीति को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस की वापसी तय है। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस, केंद्र सरकार की नीतियों और परिसीमन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। गहलोत ने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील भी की।

‘कांग्रेस की वापसी तय’, गहलोत का राजनीतिक दावा

जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता आगामी चुनाव में कांग्रेस को फिर मौका देगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान लागू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाओं की चर्चा आज भी गांव-गांव में हो रही है। गहलोत के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य योजनाओं का लाभ लोगों को मिला, जिसके कारण जनता कांग्रेस के शासन को याद कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक माहौल कांग्रेस के पक्ष में बनता दिखाई दे रहा है।

बीजेपी और आरएसएस को लेकर कही यह बात

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी राय में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े कई लोग भी निजी बातचीत में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को समझते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यदि वे व्यक्तिगत स्तर पर किसी बीजेपी या आरएसएस कार्यकर्ता से बात करेंगे तो उन्हें अलग राय सुनने को मिल सकती है। यह गहलोत का राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस बयान के जरिए उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस के प्रति बढ़ते जनसमर्थन का दावा किया।

परिसीमन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अशोक गहलोत ने देश में प्रस्तावित परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि निष्पक्षता के साथ परिसीमन नहीं किया गया तो इसका असर लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है। गहलोत ने विपक्षी दलों से इस विषय पर एकजुट होकर अपनी बात रखने की अपील की। उनका कहना था कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण जैसी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सभी पक्षों की सहमति से होनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का विश्वास बना रहे।

एनडीए सहयोगियों और केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों को अपने राजनीतिक हितों और भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए। गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कुछ नीतियां सहयोगी दलों के लिए भी चुनौती बन सकती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को साझा रणनीति बनाकर जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए।

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Stv News Rajasthan

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