हाईवे पर रेडियम पट्टी के नाम पर अवैध वसूली, डूंगरपुर पुलिस ने 8 लोगों को दबोचा
डूंगरपुर में नेशनल हाईवे-48 पर वाहन चालकों से रेडियम रिफ्लेक्टर पट्टी लगाने के नाम पर जबरन पैसे वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी रात के समय हाईवे पर वाहनों को रोककर सुरक्षा के नाम पर 100 से 300 रुपए तक की अवैध वसूली कर रहे थे। जिला विशेष टीम (DST) ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, वाहन, फर्जी रसीदें, रेडियम पट्टियां और अन्य सामान बरामद किया है।
रात में जैकेट पहनकर रोकते थे वाहन, फिर करते थे वसूली
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रात के समय उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे-48 पर सक्रिय रहते थे। ये लोग रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनकर और हाथ में टॉर्च लेकर सड़क पर खड़े हो जाते थे। जैसे ही कोई वाहन आता, उसे रोककर रेडियम पट्टी लगाने की बात कही जाती थी। इसके बदले वाहन चालकों से 100, 200 और 300 रुपए तक की रकम वसूली जाती थी। कई बार पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों द्वारा वाहन जब्त कराने की धमकी देकर चालकों को डराया जाता था।
पुलिस ने बिछाया जाल, निजी वाहन भेजकर पकड़ा गिरोह
डूंगरपुर पुलिस को इस अवैध वसूली की सूचना ‘तीसरी आंख’ मोबाइल नंबर के जरिए मिली थी। सूचना के आधार पर डीएसटी, बिछीवाड़ा थाना पुलिस और रतनपुर चौकी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस टीम ने पहले एक निजी वाहन को संदिग्धों के पास भेजा। आरोपियों ने उस वाहन को रोककर रेडियम पट्टी लगाने के लिए 300 रुपए की मांग की। जब पैसे देने से मना किया गया तो उन्होंने कार्रवाई की धमकी दी। इसी दौरान पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी आठ आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी रसीद देकर करते थे चालकों को गुमराह
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने इस काम के लिए भेजा था। गिरोह वाहन चालकों को रेडियम पट्टी लगाने के बाद फर्जी रसीदें देता था और दावा करता था कि यह रसीद दो महीने तक मान्य रहेगी। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का उद्देश्य वाहन चालकों को भ्रमित कर पैसे ऐंठना था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का संचालन कब से किया जा रहा था और अब तक कितने वाहन चालकों को इसका शिकार बनाया जा चुका है।
21 हजार नकद, कार और फर्जी दस्तावेज बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 हजार रुपए नकद, एक अर्टिगा कार, बड़ी संख्या में फर्जी रसीद बुक, रेडियम पट्टियां, टॉर्च और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इसके मुख्य संचालकों तक पहुंचने के लिए पूछताछ जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह गिरोह अन्य जिलों में भी इसी तरह की अवैध वसूली तो नहीं कर रहा था।