चित्तौड़गढ़ में राशन नहीं मिलने पर भड़के ग्रामीण, मानपुरा चौराहा किया जाम
चित्तौड़गढ़ जिले के मानपुरा गांव में राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर उतर आया। कई दिनों से राशन नहीं मिलने और डीलर द्वारा लगातार टालमटोल किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने चित्तौड़गढ़-कोटा-बूंदी मुख्य मार्ग पर मानपुरा चौराहे को जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर रसद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में राशन वितरण शुरू कराया गया।
POS मशीन खराब होने का दिया जा रहा था हवाला
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय राशन डीलर पिछले कई दिनों से राशन वितरण में लापरवाही बरत रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक डीलर बार-बार POS मशीन खराब होने का कारण बताकर उन्हें राशन देने से बच रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि वितरण की अंतिम तारीख नजदीक आने के बावजूद उन्हें अनाज नहीं मिला, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। इससे पहले भी दो दिन पहले ग्रामीणों ने राशन को लेकर विरोध जताया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग मानपुरा चौराहे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दिया।
अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला रास्ता
राशन वितरण को लेकर जाम की सूचना मिलने के बाद रसद विभाग की प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और तत्काल राशन वितरण कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया। इसके बाद मौके पर ही करीब तीन घंटे तक राशन वितरण की प्रक्रिया चलती रही। प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को तीन महीने का गेहूं उपलब्ध कराया गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और मुख्य मार्ग पर यातायात फिर से शुरू हो सका।
जांच में सही मिली POS मशीन, डीलर पर उठे सवाल
रसद विभाग की जांच में सामने आया कि राशन दुकान की POS मशीन खराब नहीं थी। प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान मशीन सामान्य रूप से काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि डीलर द्वारा 1 जुलाई से ही राशन वितरण में देरी की जा रही थी। इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि आगे उचित कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन वितरण में बार-बार परेशानी खड़ी की जाती है, जिससे गरीब परिवारों को समय पर सरकारी खाद्यान्न नहीं मिल पाता।
राशन दुकान पर भी हुआ हंगामा, जांच के निर्देश
जाम खुलने के बाद जब राशन डीलर को मौके पर बुलाया गया तो ग्रामीणों और डीलर पक्ष के बीच बहस की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया और राशन दुकान खुलवाकर वितरण शुरू करवाया। ग्रामीणों ने दुकान के बाहर भी डीलर पर कई आरोप लगाए। अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी उच्च स्तर पर भेजने की बात कही है। अब विभाग यह जांच करेगा कि राशन वितरण में देरी किन कारणों से हुई और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएं।