झालावाड़ में ड्रग तस्करों पर बड़ा प्रहार: 2.28 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज, अवैध कमाई पर पुलिस का शिकंजा
राजस्थान के झालावाड़ में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित ड्रग तस्करों से जुड़ी 2.28 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार-2.0’ के तहत की गई इस कार्रवाई में तीन मकान, कृषि भूमि और कई वाहनों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित कथित अवैध संपत्ति पर भी प्रभावी कार्रवाई करना है।
NDPS एक्ट के तहत की गई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई NDPS एक्ट की धारा 68-F के तहत की गई है। मामले में ड्रग तस्करी के आरोपों से जुड़े पंकज राठौर, राहुल राठौर और उनके परिजनों के नाम दर्ज संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद फ्रीज किया गया। अब इन संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से होने वाली आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाना है।
गुप्त जांच और सत्यापन के बाद मिली मंजूरी
झालावाड़ पुलिस ने कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों का विस्तृत गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहयोग से संपत्तियों का सत्यापन और बाजार मूल्यांकन कराया गया। जांच पूरी होने पर प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी (दिल्ली) को भेजा गया, जहां से मंजूरी मिलने के बाद संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया। इस प्रक्रिया में दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
तीन मकान, कृषि भूमि और वाहन भी शामिल
पुलिस की कार्रवाई के दायरे में तीन आवासीय मकान, कृषि भूमि और कई वाहन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य 2,28,73,593 रुपये आंका गया है। फ्रीज किए जाने के बाद इन परिसंपत्तियों के स्वामित्व से जुड़े अधिकार सीमित हो गए हैं और इन्हें बेचना या हस्तांतरित करना संभव नहीं होगा। यह कार्रवाई न्यायिक और वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है।
पहले भी मादक पदार्थ जब्त कर चुका है पुलिस दल
पुलिस का कहना है कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ पहले दर्ज मामलों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और वाहन भी जब्त किए गए थे। इन्हीं मामलों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब कथित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि जिले में नशे के नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराध से अर्जित संपत्ति पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत के निर्णय के आधार पर होगा।