जवाई बांध पर बच्चे का कथित जोखिम भरा वीडियो वायरल, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
राजस्थान के पाली जिले स्थित जवाई बांध से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा बांध की दीवार पर घुटनों के बल चलता दिखाई दे रहा है, जबकि पास मौजूद लोग उसका वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा को लेकर चिंता
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक मासूम बच्चा जवाई बांध की दीवार पर चलता दिखाई देता है। वीडियो में कुछ लोग पास खड़े होकर उसकी रिकॉर्डिंग करते नजर आते हैं। इस दृश्य को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि सोशल मीडिया के लिए बनाए जाने वाले वीडियो के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस तारीख का है और घटना किन परिस्थितियों में हुई। इसलिए वायरल दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी
वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे कथित रूप से गैरजिम्मेदाराना बताया है। कई लोगों का कहना है कि कुछ अतिरिक्त व्यूज या लाइक्स के लिए बच्चों को जोखिम में डालना उचित नहीं है। कुछ यूजर्स ने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं अन्य लोगों ने अभिभावकों से अपील की है कि सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
हाल के वर्षों में सेल्फी और रील बनाने के दौरान कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। कुछ दिन पहले उदयपुर में भी एक होटल परिसर में सेल्फी लेते समय एक बच्ची के पानी में गिरने से मौत हो गई थी। ऐसे मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी गंभीर साबित हो सकती है। विशेषज्ञ भी जोखिम वाले स्थानों पर फोटो या वीडियो बनाने से बचने की सलाह देते हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग, वीडियो की पुष्टि नहीं
वायरल वीडियो के बाद कई लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। हालांकि, अब तक संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। साथ ही, वीडियो की तिथि, स्थान और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है। ऐसे में वायरल सामग्री को तथ्य मानने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना आवश्यक है।
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