PM मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो पर कार्रवाई: हैदराबाद में FIR, BJP नेता ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित मॉर्फ्ड फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत के आधार पर मेटा इंडिया के प्रमुख और कई सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बीच भाजपा नेता टी. साईकिरण गौड़ ने आरोप लगाया है कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स को प्रधानमंत्री की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से विपक्षी दलों द्वारा आर्थिक मदद दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की FIR
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई को दी गई शिकायत के आधार पर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित रूप से छेड़छाड़ किए गए फोटो और वीडियो प्रसारित किए गए, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मामले की जांच साइबर क्राइम शाखा के अधिकारी को सौंपी गई है।
BJP नेता का दावा, विपक्षी दल करा रहे हैं फंडिंग
शिकायतकर्ता और भाजपा नेता टी. साईकिरण गौड़ ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि जिन सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है, वे छात्रों के नहीं बल्कि ऐसे लोगों के हैं जो प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल इन हैंडल्स को आर्थिक सहायता देकर नकारात्मक सामग्री तैयार और प्रसारित करवा रहे हैं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है और संबंधित विपक्षी दलों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आईटी एक्ट और BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस प्रकरण में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(C) और 67 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) एवं 336(4) के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में यह भी अनुरोध किया गया है कि संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं तथा मेटा से संपर्क कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों की पहचान की जाए। जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं।
जांच जारी, आरोपों की होगी तथ्यात्मक पड़ताल
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री, संबंधित अकाउंट्स की गतिविधियों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप कितने सही हैं और कानून के तहत आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आते हैं।
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