बांसवाड़ा स्कूल वैन हादसा: बेटे को खोने के बाद पिता बोले—‘अब किसी और बच्चे की जान नहीं जानी चाहिए’
बांसवाड़ा में स्कूल वैन हादसे में 16 वर्षीय छात्र हयान वसानिया की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। बेटे को खोने के बाद पिता डॉ. राजेश वसानिया ने स्कूल परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सुरक्षा संबंधी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे स्कूल के बाहर शांतिपूर्ण धरना देंगे। उन्होंने प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील भी की।
बेटे की मौत के बाद छलका पिता का दर्द, सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज
बांसवाड़ा में स्कूल वैन दुर्घटना में बेटे हयान वसानिया को खोने के बाद पिता डॉ. राजेश वसानिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्कूल परिवहन व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि अपने बेटे को तो वापस नहीं ला सकते, लेकिन भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े, इसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन और संबंधित पक्षों ने सुरक्षा संबंधी मांगों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो वे स्कूल के बाहर शांतिपूर्ण धरने पर बैठेंगे। यह उनका व्यक्तिगत बयान है।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
डॉ. राजेश वसानिया ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल वाहन पर्याप्त सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते। उन्होंने प्रशासन से स्कूलों के लिए सुरक्षित और मानकों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों को ऐसे वाहनों में न भेजें जिनकी सुरक्षा को लेकर संदेह हो। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन या स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
हयान था होनहार छात्र और बहुमुखी प्रतिभा का धनी
16 वर्षीय हयान वसानिया पढ़ाई के साथ-साथ कई अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय था। परिजनों के अनुसार वह कक्षा 10वीं का छात्र था और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन, तबला वादन तथा हैंडबॉल में भी रुचि रखता था। वह राज्य स्तरीय हैंडबॉल खिलाड़ी भी रह चुका था। उसके असमय निधन से परिवार, मित्रों और स्कूल समुदाय में गहरा शोक है। स्कूल प्रशासन ने भी घटना के बाद शोक व्यक्त करते हुए कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित किया।
बड़े भाई का इंतजार अधूरा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिवार के अनुसार हयान का बड़ा भाई विदेश में कार्यरत है और घटना की सूचना मिलने के बाद भारत लौट रहा है। परिजनों ने बताया कि हयान अपने भाई के स्वागत की तैयारी को लेकर उत्साहित था, लेकिन हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोग और परिचित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।
हादसे की जांच जारी, सुरक्षित परिवहन पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर स्कूली बच्चों के परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर भी स्कूल वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस, चालक की योग्यता और सुरक्षा मानकों के पालन की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर वाहनों का निरीक्षण और नियमों का सख्ती से पालन ही ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने में मददगार हो सकता है।
इसे भी पढ़ें – अजमेर में भाजपा की चुनावी बैठक, ज्योति मिर्धा का हनुमान बेनीवाल पर तीखा राजनीतिक हमला