जयपुर कलेक्ट्रेट में एसीबी का बड़ा एक्शन, एक लाख की रिश्वत लेते एडीएम-ईस्ट का पीए गिरफ्तार
राजधानी जयपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर (पूर्व) के निजी सहायक (PA) को कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बिल पास कराने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया और पूरे प्रशासनिक तंत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
बिल पास कराने के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसका लंबित बिल पास कराने और संबंधित फाइल को आगे बढ़ाने के लिए उससे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद काम नहीं होने पर उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरोपों का गोपनीय सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी की गई।
योजनाबद्ध ट्रैप में आरोपी रंगे हाथ पकड़ा गया
सत्यापन पूरा होने के बाद एसीबी की विशेष टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार आरोपी को कथित रिश्वत की राशि सौंपी। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। ट्रैप प्रक्रिया के दौरान आवश्यक वैज्ञानिक परीक्षण भी किए गए, जिनमें आरोपी द्वारा रिश्वत की राशि स्वीकार किए जाने की पुष्टि होने का दावा किया गया। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संपन्न कराई गई।
गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई विस्तृत जांच
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही उसके संभावित ठिकानों और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या इसमें किसी अन्य अधिकारी अथवा कर्मचारी की भी भूमिका रही है। मामले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्ट्रेट परिसर में मचा हड़कंप
राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों में से एक जयपुर कलेक्ट्रेट के भीतर हुई इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल का माहौल देखा गया। दिनदहाड़े हुई एसीबी की कार्रवाई ने सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक मजबूत संदेश दिया है। घटना के बाद कई शाखाओं में लोगों के बीच इस मामले की चर्चा रही। भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही एसीबी अब इस प्रकरण के हर पहलू की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।