जंतर-मंतर प्रदर्शन जांच तेज: 15 FIR दर्ज, वीडियो और FRS से हो रही पहचान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही, फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS), सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने पुलिस के कुछ दावों पर सवाल उठाए हैं।
15 एफआईआर दर्ज, कई धाराओं में जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और अन्य घटनाओं से जुड़े मामलों में कुल 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हर मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है।
FRS और वीडियो फुटेज से हो रही पहचान
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर और आसपास लगे फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों तथा सीसीटीवी फुटेज की मदद से बड़ी संख्या में लोगों की पहचान की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन व्यक्तियों की पहचान हुई है, उनकी भूमिका का वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल पहचान हो जाने के आधार पर किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
रोजाना हजारों लोगों की मौजूदगी, सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है और आधुनिक तकनीक की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
20 जुलाई की घटना की हो रही जांच
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। इस दौरान बैरिकेडिंग के पास तनाव की स्थिति बनी और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। अधिकारियों का कहना है कि घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। पूरे घटनाक्रम की जांच वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
प्रदर्शनकारी संगठन ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन से जुड़े संगठन CJP ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन भी उन पुलिसकर्मियों की पहचान करने का प्रयास करेगा, जिन पर कथित मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारी संगठन दोनों अपने-अपने पक्ष पर कायम हैं, जबकि मामले की जांच जारी है।