भैंसों के तबेले में छिपा था करोड़ों का नशे का सामान, ANTF ने खोला तस्करी का बड़ा राज
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और बस्सी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक भैंसों के तबेले से करीब 2 करोड़ रुपए कीमत का डोडा-चूरा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लग्जरी गाड़ियां, अवैध हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस भी जब्त किए हैं। हालांकि पुलिस की भनक लगते ही तस्कर मौके से फरार हो गए। अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
तबेले में छिपाकर रखी थी 12 क्विंटल से ज्यादा खेप
पुलिस के अनुसार चित्तौड़गढ़ के बस्सी क्षेत्र में एक भैंसों के बाड़े को नशे की खेप छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सूचना के आधार पर एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वहां दबिश दी। तलाशी के दौरान बाड़े में छिपाकर रखे गए 72 कट्टे मिले, जिनमें कुल 12 क्विंटल 71 किलो 730 ग्राम डोडा-चूरा भरा हुआ था। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 2 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने मौके से तीन लग्जरी वाहनों को भी जब्त किया है।
तस्करों के तरीके का हुआ खुलासा
जांच में सामने आया है कि तस्कर सीधे सप्लाई करने के बजाय पहले मादक पदार्थ को सुरक्षित ठिकानों पर छिपाकर रखते थे। इसके बाद मौका देखकर एक-दो दिन बाद अलग-अलग जगहों पर सप्लाई की जाती थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तस्कर रास्ते में निगरानी से बचने के लिए होटल या अन्य स्थानों पर रुकते थे और आगे एस्कॉर्ट गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे। इसी रणनीति को देखते हुए एएनटीएफ ने कई स्थानों पर निगरानी बढ़ाकर तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की योजना बनाई।
तस्करों के पास मिले अवैध हथियार और कारतूस
कार्रवाई के दौरान पुलिस को सिर्फ डोडा-चूरा ही नहीं बल्कि हथियार भी मिले हैं। तलाशी में एक दोनाली 12 बोर बंदूक, एक पंप एक्शन गन और 47 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि तस्कर किसी भी आपात स्थिति में पुलिस कार्रवाई से बचने या मुकाबला करने के लिए हथियार रखते थे। हालांकि छापेमारी के दौरान आरोपी मौके से भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश अब तेज कर दी गई है।
चोरी की गाड़ियों से हो रही थी तस्करी की आशंका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त की गई तीनों लग्जरी गाड़ियां संदिग्ध हैं। इनमें से कुछ वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाए जाने की आशंका है। एक वाहन के दिल्ली से चोरी होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि दूसरे वाहन के दस्तावेज और नंबर प्लेट की जांच की जा रही है। वहीं एक अन्य गाड़ी के इंजन और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। पुलिस अब वाहनों के वास्तविक मालिकों और चोरी के नेटवर्क की जांच कर रही है।
पूरे तस्करी गिरोह तक पहुंचने में जुटी जांच एजेंसियां
पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहार है। एएनटीएफ और चित्तौड़गढ़ पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि डोडा-चूरा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी। अधिकारियों का कहना है कि संगठित तस्करी गिरोह के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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