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चिड़ावा ट्रायल रूम वीडियो मामले में नया मोड़, दूसरे आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चर्चित चिड़ावा ट्रायल रूम वीडियो मामले में पुलिस जांच को नया आधार मिला है। मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी को अदालत ने 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों, विशेष रूप से व्हाट्सएप पर साझा किए गए वीडियो, को पुलिस इस केस की अहम कड़ी मान रही है। अब जब्त मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे नेटवर्क और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की जाएगी।

कोर्ट ने आरोपी को 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा

मुख्य आरोपी के रिश्तेदार अजरूद्दीन को पुलिस ने गुरुवार शाम गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उसे एसीजेएम कोर्ट, चिड़ावा में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसे अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में जांच के लिए भेजा जाएगा। इस जांच से डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि और अन्य संभावित तथ्यों का पता लगाया जाएगा।

व्हाट्सएप पर भेजा गया वीडियो बना अहम डिजिटल साक्ष्य

पुलिस जांच के दौरान मुख्य आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ट्रायल रूम में रिकॉर्ड किए गए कुछ वीडियो उसने अपने रिश्तेदार अजरूद्दीन के साथ देखे थे और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा भी किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि मामला उजागर होने से करीब एक माह पहले एक महिला का रिकॉर्ड किया गया वीडियो व्हाट्सएप पर भेजा गया था। पुलिस इसी डिजिटल सामग्री को मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है, जिसके आधार पर दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी की गई।

एफएसएल जांच से खुलेंगे डिजिटल नेटवर्क के राज

अब पुलिस का फोकस जब्त मोबाइल की फॉरेंसिक जांच पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि संबंधित वीडियो केवल आरोपी के मोबाइल तक सीमित था या उसे आगे अन्य लोगों को भी भेजा गया। इसके अलावा डिलीट किए गए डेटा, चैट रिकॉर्ड, मीडिया फाइलें और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता मिल सकती है।

महिला की शिकायत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई

यह मामला 6 जून को सामने आया था, जब एक महिला ने अपने पति के साथ ट्रायल रूम में कथित रूप से वीडियो रिकॉर्ड करते हुए मुख्य आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच के बाद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Stv News Rajasthan

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