अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- अब लोगों के दिल-दिमाग से भी उतर जाएगी BJP
नीट परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में उन्होंने युवाओं, महंगाई, रोजगार, लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। साथ ही दावा किया कि भाजपा अब अपने समर्थकों का भरोसा भी खोती जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भाजपा और उसके समर्थक युवाओं के आंदोलनों को गलत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के बीच लोगों को भेजकर आंदोलन की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। सपा प्रमुख ने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कई लोग भाजपा से जुड़ा कहलाना भी पसंद नहीं कर रहे हैं।
‘भाजपा समर्थकों में भी बढ़ रही है नाराजगी’
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा के कई समर्थक अब पार्टी के फैसलों और नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों तक पार्टी का बचाव करने वाले लोग भी अब सवाल उठाने लगे हैं। अखिलेश यादव के मुताबिक, जनता के बीच बढ़ते असंतोष के कारण भाजपा के समर्थक भी खुलकर पार्टी का पक्ष रखने से बच रहे हैं।
सरकार की नीतियों पर उठाए कई सवाल
अपने बयान में अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं से जुड़े मामलों के समाधान के बजाय सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
कई घटनाओं का किया उल्लेख
अखिलेश यादव ने अपने बयान में अयोध्या, दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं ने सरकार की छवि को प्रभावित किया है और आम जनता के बीच असंतोष बढ़ा है। हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET आंदोलन के बीच तेज हुई सियासत
नीट परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में अखिलेश यादव का यह बयान भी सामने आया है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और छात्र आंदोलनों को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज होती जा रही है।