भारतीय बेटियों का हॉन्गकॉन्ग में ऐतिहासिक कमाल, चीनी खिलाड़ियों को हराकर वर्ल्ड फेंसिंग में रचा इतिहास
हॉन्गकॉन्ग में आयोजित सीनियर वर्ल्ड फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला तलवारबाजों ने इतिहास रच दिया। तनिक्षा खत्री और प्राची लोहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य ड्रॉ (टेबल ऑफ 64) में जगह बनाई और टॉप सीड चीनी खिलाड़ी को हराकर भारतीय फेंसिंग को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
तनिक्षा खत्री और प्राची लोहान की ऐतिहासिक उपलब्धि
एशियावर्ल्ड-एक्सपो, हॉन्गकॉन्ग में आयोजित सीनियर वर्ल्ड फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिला व्यक्तिगत ईपी (Épée) स्पर्धा में तनिक्षा खत्री और प्राची लोहान ने कठिन क्वालिफिकेशन मुकाबलों को पार करते हुए मुख्य टेबल ऑफ 64 में अपनी जगह बनाई। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सीनियर विश्व फेंसिंग चैंपियनशिप के इस चरण तक पहुंचने वाली वे भारत की पहली महिला ईपी तलवारबाज बन गई हैं।
चीनी खिलाड़ियों को हराकर किया बड़ा उलटफेर
भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को अंजाम दिया। अंतिम एलिमिनेशन मुकाबले में तनिक्षा खत्री और प्राची लोहान ने टॉप सीड चीनी खिलाड़ी यांग जिंगवेन को मात देकर मुख्य ड्रॉ में प्रवेश किया। इस जीत ने अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग जगत का ध्यान भारत की ओर खींचा है। अब दोनों खिलाड़ी टेबल ऑफ 64 के मुकाबलों में उतरेंगी, जहां उनका लक्ष्य अगले दौर में पहुंचकर पदक की दौड़ को मजबूत करना होगा।
भारतीय फेंसिंग के लिए मील का पत्थर
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर भारतीय तलवारबाजी संघ और एशियाई फेंसिंग महासंघ के महासचिव राजीव मेहता ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भारतीय फेंसिंग के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और इससे देश में इस खेल को नई पहचान मिलेगी। उनके मुताबिक तनिक्षा और प्राची की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह साबित करती है कि भारतीय खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर बड़ी चुनौती पेश करने की क्षमता रखते हैं।
पुरुष खिलाड़ियों को मिला अहम अनुभव
टूर्नामेंट के पहले दिन पुरुष व्यक्तिगत फॉइल स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। हालांकि कोई भी खिलाड़ी मुख्य ड्रॉ तक नहीं पहुंच सका, लेकिन दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला खेलना टीम के लिए महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। सचिन 107वें, आदित्य 137वें, सानासाम हेमाष सिंह 143वें और तेजस मनोज पाटिल 149वें स्थान पर रहे। अब भारतीय पुरुष टीम आगामी टीम स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ उतरेगी।
भारत की बेटियों से बढ़ी पदक की उम्मीद
तनिक्षा खत्री और प्राची लोहान की इस उपलब्धि ने भारतीय फेंसिंग के भविष्य को नई उम्मीद दी है। विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन दर्शाता है कि भारतीय महिला खिलाड़ी अब वैश्विक स्तर पर मजबूत चुनौती देने के लिए तैयार हैं। पूरे देश की नजर अब उनके अगले मुकाबलों पर होगी, जहां वे भारत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने की कोशिश करेंगी।