जयपुर में ई-रिक्शा संचालन के नए नियम लागू, शहर 7 जोन में बंटेगा; 1 अगस्त से रजिस्ट्रेशन शुरू
जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत शहर को सात जोन में विभाजित किया जाएगा और सीमित संख्या में पंजीकृत ई-रिक्शा को ही संचालन की अनुमति मिलेगी। नई व्यवस्था के लिए 1 अगस्त से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी।
ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में अहम निर्णय
ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में जयपुर को सात परिचालन जोन में बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना के अनुसार शहर में अधिकतम 50 हजार ई-रिक्शा को संचालन की अनुमति मिलेगी। प्रत्येक ई-रिक्शा को निर्धारित जोन आवंटित किया जाएगा और वह केवल उसी क्षेत्र में संचालित हो सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा और शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
1 अगस्त से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा चालकों को 1 अगस्त से ई-मित्र या सरकार द्वारा निर्धारित प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराना होगा। परमिट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर जारी किए जाएंगे। पंजीकरण पूरा होने के बाद प्रत्येक ई-रिक्शा को QR कोड और संबंधित जोन का कलर-कोडेड स्टीकर दिया जाएगा, जिससे उसकी पहचान और निगरानी आसानी से की जा सके।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण के संचालित होने वाले या निर्धारित जोन से बाहर चलते पाए जाने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में वाहन जब्त करने और नियमानुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है। निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष मोबाइल एप विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी।
व्यापारियों ने उठाए व्यापक ट्रैफिक सुधार के मुद्दे
व्यापारी संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल ई-रिक्शा पर नियंत्रण से ट्रैफिक समस्या का पूर्ण समाधान नहीं होगा। उनका मानना है कि अवैध पार्किंग, फुटपाथों पर अतिक्रमण और अन्य यातायात संबंधी समस्याओं पर भी समान रूप से कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने JDA, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस से समन्वय के साथलगातार प्रवर्तन अभियान चलाने की मांग की है, ताकि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो सके।