जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: 24 मौतें, 6 लापता; अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भूस्खलन, मकान ढहने और सड़क हादसों के कारण पिछले दो दिनों में 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा समेत कई धार्मिक यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
बारिश और भूस्खलन ने ली 24 लोगों की जान
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं से व्यापक नुकसान हुआ है। पिछले दो दिनों में अलग-अलग हादसों में 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोगों की तलाश जारी है। पुंछ, राजौरी, डोडा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में सबसे अधिक असर देखने को मिला है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
पुंछ और डोडा में दर्दनाक हादसों से बढ़ा मौत का आंकड़ा
सबसे दर्दनाक घटना पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र के लोरन गांव में हुई, जहां लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से भारी मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा। इस हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। वहीं डोडा जिले में जम्मू जा रही एक यात्री बस पर चट्टान गिरने से दो यात्रियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। काश्तीगढ़ क्षेत्र में भी एक मकान ढहने से एक महिला की मौत हुई। इन घटनाओं ने खराब मौसम के बीच पहाड़ी इलाकों में बढ़ते खतरे को और गंभीर बना दिया है।
धार्मिक यात्राओं पर मौसम की मार, हजारों श्रद्धालु इंतजार में
लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, रियासी की शिवखोड़ी यात्रा और किश्तवाड़ की सरथल यात्रा को एहतियातन रोक दिया है। कटड़ा में हजारों श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि मौसम में आंशिक सुधार मिलने पर बालटाल मार्ग से सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते श्राइन बोर्ड और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार रास्तों को सुरक्षित बनाने में जुटी हुई हैं।
नदियां उफान पर, कई इलाकों का सड़क संपर्क टूटा
लगातार बारिश के कारण तवी, चिनाब समेत कई नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है और ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। कई सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात प्रभावित है। प्रशासन भारी मशीनों की मदद से मार्गों को साफ कराने में लगा हुआ है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
48 घंटे का अलर्ट, राहत-बचाव अभियान तेज
मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। कई जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ और राजौरी में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। राहत एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में लगातार जुटी हुई हैं।