बूंदी में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, चाकूबाजी के आरोपियों के मकान ध्वस्त
राजस्थान के बूंदी में पान की दुकान संचालक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वन भूमि पर बने अवैध निर्माणों को नोटिस अवधि पूरी होने के बाद बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के परिजनों ने प्रशासन से मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण जारी रहा।
वन भूमि पर बने अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
बूंदी के नैनवा रोड स्थित जनता कॉलोनी में सोमवार सुबह प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण वन विभाग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण का हिस्सा थे। पूर्व में नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई के दौरान भावुक हुए परिजन
ध्वस्तीकरण के दौरान आरोपियों के परिजन मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान आरोपी रवि शंकर उर्फ भट्टा की बहन अधिकारियों से मकान नहीं तोड़ने की अपील करती नजर आई। उसने हाथ जोड़कर परिवार की मेहनत का हवाला देते हुए निर्माण बचाने की गुहार लगाई। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई नियमानुसार पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद की जा रही है और अवैध निर्माण हटाने का निर्णय पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर लिया गया।
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भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। वन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर कार्रवाई पूरी की गई। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए ध्वस्तीकरण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
उधार सिगरेट को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार 11 जुलाई को नैनवा रोड स्थित एक पान की दुकान पर उधार सिगरेट देने से इनकार करने के बाद विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने दुकान संचालक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया था। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
जांच के बाद हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
वन विभाग की जांच में संबंधित मकानों के वन भूमि पर बने होने की पुष्टि होने के बाद विभाग ने नियमानुसार नोटिस जारी किए थे। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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