अलवर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा पर अनिश्चितता, निदेशालय के फैसले का इंतजार
अलवर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है। 10 वर्ष की अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद भी स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से न तो अनुबंध विस्तार पर लिखित आदेश जारी किए गए हैं और न ही नई निविदा प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई बार पत्र भेजने के बावजूद निर्णय नहीं होने से मरीजों की सुविधा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
10 साल का अनुबंध पूरा, अब आगे की प्रक्रिया पर संशय
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा के संचालन के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने पहले 10 वर्षों का कार्यादेश जारी किया था, जिसकी अवधि 10 जून 2026 को पूरी हो चुकी है। अब यह निर्णय स्वास्थ्य निदेशालय को लेना है कि मौजूदा व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा या नई निविदा जारी होगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस संबंध में अभी तक कोई लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं, जिससे सेवा के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
छह बार भेजे गए स्मरण पत्र, फिर भी नहीं मिला जवाब
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस विषय पर स्वास्थ्य निदेशालय को अब तक छह स्मरण पत्र भेजे जा चुके हैं। इन पत्रों में समय रहते आवश्यक निर्णय लेने का अनुरोध किया गया, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हालांकि अब तक निदेशालय की ओर से कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। चूंकि अनुबंध बढ़ाने या नई निविदा जारी करने का अधिकार निदेशालय स्तर पर है, इसलिए जिला अस्पताल अपने स्तर पर कोई अंतिम निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।
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रोजाना बड़ी संख्या में मरीज लेते हैं सीटी स्कैन सेवा
अलवर जिला अस्पताल में शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीजों को गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं के मामलों में तत्काल सीटी स्कैन की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि सेवा प्रभावित होती है तो मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ सकता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
मौखिक निर्देशों के आधार पर जारी है सेवा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल सीटी स्कैन सेवा मौखिक निर्देशों के आधार पर जारी रखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि वन राज्य मंत्री संजय शर्मा तथा हालिया दौरे के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और संबंधित अधिकारियों ने सेवा बाधित नहीं होने देने की मौखिक बात कही थी। इसी के चलते इमरजेंसी मरीजों और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों की सीटी स्कैन जांच फिलहाल जारी है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थायी व्यवस्था के लिए लिखित आदेश आवश्यक हैं।
लिखित आदेश का इंतजार, मरीजों की निगाहें निदेशालय पर
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब पूरा मामला स्वास्थ्य निदेशालय के औपचारिक निर्णय पर निर्भर है। लिखित आदेश मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी महत्वपूर्ण जांच सेवाओं में प्रशासनिक देरी से बचना आवश्यक है, ताकि मरीजों को बिना रुकावट समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहें।
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