जयपुर में फर्जी वीजा कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 22 आरोपी हिरासत में; विदेश नौकरी के नाम पर करते थे ठगी
राजस्थान की राजधानी जयपुर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जयपुर पुलिस की साइबर स्पेशल टास्क टीम ने फर्जी वीजा कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ठिकानों पर छापेमारी की। विदेश में नौकरी और बसने का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले इस गिरोह के 22 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, रजिस्टर और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर पुलिस की एक साथ कार्रवाई
जयपुर पुलिस आयुक्तालय की साइबर स्पेशल टास्क टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर में चल रहे तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर कार्रवाई की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्रों में कुछ लोग फर्जी इमिग्रेशन कंपनियों के नाम पर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बाद टीमों का गठन कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 22 लोगों को पकड़ा गया, जिनमें 20 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं।
विदेश नौकरी का झांसा देकर लोगों से ऐंठते थे पैसे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश जाने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ये खुद को नामी इमिग्रेशन कंपनियों के प्रतिनिधि बताकर फोन करते थे और फर्जी वीजा प्रक्रिया शुरू करवाते थे। इसके बाद आवेदन शुल्क, प्रोसेसिंग फीस, मेडिकल जांच और दूतावास शुल्क के नाम पर पीड़ितों से ऑनलाइन पैसे जमा करवाए जाते थे। पैसे मिलने के बाद आरोपी संपर्क बंद कर देते थे।
गणपति प्लाजा से पकड़े गए 5 आरोपी
पहली कार्रवाई जालूपुरा थाना क्षेत्र के एमआई रोड स्थित गणपति प्लाजा में की गई। यहां संचालित कॉल सेंटर से पांच युवतियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मौके से पांच मोबाइल फोन, तीन रजिस्टर, कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका, एक कॉपी, सीपीयू और मॉनिटर सहित अन्य सामान जब्त किया। पुलिस अब इन दस्तावेजों के आधार पर कॉल सेंटर की गतिविधियों की जांच कर रही है।
न्यू सांगानेर रोड के ऑफिस पर भी छापा
दूसरी कार्रवाई महेश नगर थाना क्षेत्र के न्यू सांगानेर रोड स्थित नवजीत बिल्डिंग में की गई। यहां चल रहे फर्जी कॉल सेंटर से भी पांच युवतियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से छह मोबाइल फोन, छह रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड और एक डायरी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार जब्त दस्तावेजों से ठगी के शिकार लोगों और गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
ट्रिनिटी मॉल के हाईटेक ऑफिस से 12 आरोपी पकड़े
पुलिस की तीसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई महेश नगर क्षेत्र के स्वेज फार्म स्थित ट्रिनिटी मॉल में हुई। यहां एक हाईटेक ऑफिस में फर्जी वीजा कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 10 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। यहां से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो रजिस्टर, डायरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
BNS और IT एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है और ठगी का पैसा किन खातों में भेजा जाता था।
मास्टरमाइंड और नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
जयपुर पुलिस अब इस गिरोह के पीछे मौजूद मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इसका नेटवर्क किन-किन शहरों या राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।