कटनी की स्लीमनाबाद टनल बनेगी 1450 गांवों की जीवनरेखा, 6 जिलों में सिंचाई और पेयजल को मिलेगी नई ताकत
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बन रही स्लीमनाबाद टनल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को परियोजना का निरीक्षण किया और इसे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में से एक बताया। इस टनल के चालू होने के बाद छह जिलों के करीब 1450 गांवों को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा, जिससे लाखों किसानों की आजीविका और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
1450 गांवों और लाखों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
स्लीमनाबाद टनल परियोजना के पूरा होने के बाद जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों के लगभग 1450 गांवों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और जल संकट से जूझ रहे इलाकों को राहत मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से पूरी हुई चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि टनल निर्माण का कार्य कई तकनीकी चुनौतियों के बीच पूरा किया गया। शुरुआती वर्षों में निर्माण की गति धीमी रही, लेकिन वर्ष 2016 के बाद जर्मनी से लाई गई अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) की मदद से काम में तेजी आई। इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों में इस परियोजना को आगे बढ़ाया। लंबे प्रयासों के बाद अब यह परियोजना लगभग पूरी होने की स्थिति में है।
भूकंपरोधी डिजाइन, लंबे समय तक टिकाऊ संरचना
सरकार के अनुसार, टनल का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि यह लंबे समय तक सुरक्षित रहे। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसकी संरचना को मजबूत इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसे दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कई स्थानों पर टनल जमीन की सतह से लगभग 120 फीट नीचे बनाई गई है, जिससे इसकी संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सिंचाई के साथ पेयजल और ऊर्जा उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। सरकार का कहना है कि इससे कई क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बेहतर होगी और भविष्य में जल आधारित ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सिंचाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है और यह परियोजना उस लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
किसानों से जमीन न बेचने की अपील
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से अपनी कृषि भूमि सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद इस क्षेत्र की कृषि क्षमता और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव आएगा। उनके अनुसार, सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से खेती अधिक लाभकारी होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन में भी कमी आने की संभावना है।