सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को बढ़ा समर्थन, क्या संसद मार्च में कांग्रेस होगी शामिल?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को लगातार विभिन्न राजनीतिक दलों और सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उनसे मुलाकात की है, जिसके बाद 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में कांग्रेस की संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस मार्च में शामिल होने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
जंतर-मंतर पर बढ़ रहा समर्थन, कई विपक्षी नेता पहुंचे
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर पिछले कुछ दिनों में राजनीतिक समर्थन बढ़ा है। आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव गुट), CPI, CPI(ML) और राष्ट्रीय जनता दल सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात की है। इसके अलावा कुछ सार्वजनिक हस्तियों ने भी वांगचुक के समर्थन में बयान दिए हैं और उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की है।
पवन खेड़ा की मुलाकात के बाद कांग्रेस पर नजर
17 जुलाई को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या कांग्रेस भी 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च का हिस्सा बनेगी। हालांकि, फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय या बयान सामने नहीं आया है।
शिक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस पहले से सक्रिय
कांग्रेस लंबे समय से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरती रही है। पार्टी नेता राहुल गांधी भी विभिन्न राज्यों में छात्रों से संवाद कर इन विषयों को उठाते रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इन मुद्दों पर अपनी अलग राजनीतिक रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है।
संसद मार्च को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, कांग्रेस समेत किसी बड़े विपक्षी दल ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि वह इस मार्च में शामिल होगा। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संसद सत्र के पहले दिन कौन-कौन से दल इस अभियान के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आते हैं।
राजनीतिक चर्चाओं के बीच आधिकारिक घोषणा का इंतजार
सोनम वांगचुक के आंदोलन और प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं। लेकिन विभिन्न दलों की रणनीति और भागीदारी को लेकर अभी तक आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। आने वाले दिनों में संबंधित दलों के फैसले के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।