तेलंगाना अस्पताल में प्रसव के दौरान हंगामा, महिला ने स्टाफ की लापरवाही का लगाया आरोप; नवजात घायल
तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले के सरकारी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के कारण महिला ने बेड के पास खड़े-खड़े बच्चे को जन्म दिया और नवजात फर्श पर गिर गया, जिससे उसे चोट आई। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ। वहीं अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
सरकारी अस्पताल में प्रसव को लेकर उठे सवाल
यह मामला भद्राद्री कोठागुडेम जिले के सरकारी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र का है। जानकारी के अनुसार, भवानी नाम की महिला को पहली डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा बढ़ने के बावजूद महिला को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिली। उनका दावा है कि काफी देर तक मदद का इंतजार करने के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि महिला ने बेड के पास ही बच्चे को जन्म दे दिया।
परिजनों का आरोप- नवजात फर्श पर गिरा, आई चोट
महिला के परिवार के अनुसार, प्रसव के दौरान नवजात शिशु फर्श पर गिर गया, जिससे उसके सिर में चोट लगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी मेडिकल स्टाफ तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा और महिला को काफी रक्तस्राव का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल बन गया। परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
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घटना के बाद अस्पताल परिसर में हुआ विरोध प्रदर्शन
मामले की जानकारी मिलने के बाद महिला के रिश्तेदारों ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर विरोध जताया। परिजनों ने चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल प्रशासन और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
वहीं अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि महिला ने प्रसव की स्थिति गंभीर होने की जानकारी समय पर मेडिकल स्टाफ को नहीं दी थी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यदि समय रहते सूचना मिलती तो महिला को तुरंत लेबर रूम में ले जाया जाता और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती।
मां और बच्चे का चल रहा इलाज, जांच शुरू
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, घटना के बाद मां और नवजात को तत्काल उपचार दिया गया। बच्चे की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। साथ ही पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच के लिए आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही गई है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
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