US-Iran तनाव और बढ़ा: अमेरिकी हमलों में 3 की मौत का दावा, ईरान ने नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का लगाया आरोप
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान का दावा है कि लगातार छठी रात हुए अमेरिकी हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। वहीं अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।
ईरान का आरोप- नागरिक ठिकानों पर हुए हमले
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ताजा अमेरिकी हमलों में होरमुजगान प्रांत के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। सरकारी मीडिया का दावा है कि इन हमलों से नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा और तीन लोगों की जान चली गई। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। ईरान का आरोप है कि सैन्य ठिकानों के बजाय आम नागरिकों से जुड़े ढांचों पर हमले किए गए, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पुल और रेलवे जंक्शन भी प्रभावित
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हमलों में कोहोरेस्तान ब्रिज और गिरीवेह ब्रिज को नुकसान पहुंचा। ये दोनों पुल क्षेत्र के महत्वपूर्ण परिवहन संपर्क माने जाते हैं। इसके अलावा बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन भी हमलों की चपेट में आने का दावा किया गया है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, घायलों में कई लोगों को विस्फोट से गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ लोगों की हड्डियां टूटने की भी सूचना है।
अमेरिका ने बताया सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह अभियान ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इसी वजह से सैन्य कार्रवाई जारी रखी गई है।
होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।
वार्ता के संकेतों के बीच जारी सैन्य कार्रवाई
हमलों के बीच व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि ईरान बातचीत के लिए संपर्क बनाए हुए है और समझौते की इच्छा जता रहा है। हालांकि, जमीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाई जारी रहने से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है।