‘तलाक हुआ, रिश्ता नहीं टूटा’, आमिर खान की एक्स पत्नियों संग रिश्ते पर दोस्त अमीन हाजी का बड़ा दावा
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। उनकी शादी और रिश्तों को लेकर चल रही बहस के बीच अभिनेता और उनके करीबी दोस्त अमीन हाजी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आमिर ने वैवाहिक रिश्ते खत्म होने के बाद भी अपनी पूर्व पत्नियों और परिवार के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखे हैं।
‘रिश्ता खत्म हुआ, सम्मान नहीं’
एक इंटरव्यू में अमीन हाजी ने कहा कि आमिर खान हमेशा रिश्तों को गंभीरता और सम्मान के साथ निभाने वाले व्यक्ति रहे हैं। उनके मुताबिक, वैवाहिक संबंध समाप्त होने के बाद भी आमिर ने कभी कड़वाहट को रिश्तों पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से कभी दूरी नहीं बनाई और परिवार के प्रति अपना दायित्व निभाते रहे।
पूर्व पत्नियों और बच्चों से आज भी जुड़े हैं आमिर
अमीन हाजी के अनुसार, आमिर खान के अपनी पूर्व पत्नी रीना दत्ता और किरण राव के साथ आज भी सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। उन्होंने कहा कि आमिर अपने बच्चों के साथ भी लगातार जुड़े हुए हैं और परिवार से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि किसी रिश्ते का कानूनी रूप से समाप्त होना यह नहीं दर्शाता कि आपसी सम्मान भी खत्म हो जाए।
शादी में गैरमौजूदगी पर भी दी सफाई
आमिर खान की हालिया शादी में उनकी पूर्व पत्नियों की अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुईं। इस पर अमीन हाजी ने कहा कि किसी समारोह में शामिल न होना रिश्तों में खटास का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार निजी स्पेस देना भी रिश्तों का सम्मान करने का हिस्सा होता है।
आमिर के भावुक स्वभाव का भी किया जिक्र
अमीन हाजी ने बातचीत के दौरान कहा कि आमिर खान बेहद संवेदनशील इंसान हैं। उन्होंने बताया कि जीवन के कठिन दौर और रिश्तों में आए बदलावों का असर आमिर पर भी पड़ा और उन्होंने भावनात्मक मुश्किलों का सामना किया। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति के निजी जीवन का आकलन केवल बाहरी घटनाओं के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
बयान के बाद फिर चर्चा में आमिर की निजी जिंदगी
आमिर खान की निजी जिंदगी अक्सर चर्चा का विषय रही है। हाल के दिनों में उनकी शादी और रिश्तों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस देखने को मिल रही है। इसी बीच अमीन हाजी के बयान ने यह चर्चा भी छेड़ दी है कि किसी व्यक्ति के निजी रिश्तों को केवल विवाह और तलाक के नजरिए से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और जिम्मेदारियों के आधार पर भी देखा जाना चाहिए।