राजस्थान में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; हरियाणा-यूपी तक सप्लाई की आशंका
राजस्थान के डीग जिले में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कामां थाना क्षेत्र के एक गांव में संचालित फैक्ट्री से तैयार और अधबने हथियारों के साथ हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। शुरुआती जांच में हथियारों की सप्लाई राजस्थान के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक होने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और संभावित खरीदारों की जांच में जुटी है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र के लुहेसर गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस और विशेष टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया गया और बड़ी संख्या में तैयार व अधबने हथियार, मशीनें तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह अवैध गतिविधि काफी समय से संचालित हो रही थी।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकसूद और इन्ताज नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वे एक अन्य साथी के साथ मिलकर अवैध हथियार तैयार करने और उनकी बिक्री का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह और उसके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
हथियार बनाने का पूरा सामान बरामद
पुलिस ने मौके से कई प्रकार के अवैध हथियार, अधबने हथियार, बैरल, लकड़ी के बट, मशीनें, ड्रिल, ग्राइंडर, औजार और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दर्जनों कलपुर्जे बरामद किए हैं। बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि यहां व्यवस्थित तरीके से हथियार तैयार किए जाते थे। पुलिस सभी सामान को जब्त कर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है ताकि हथियारों की गुणवत्ता और उनके उपयोग से जुड़े पहलुओं की पुष्टि की जा सके।
दूसरे राज्यों तक सप्लाई की जांच
प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि इस फैक्ट्री में बने हथियार राजस्थान के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक भेजे जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किन लोगों या गिरोहों तक हुई। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि कहीं इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में तो नहीं हुआ। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय किया जाएगा।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
डीग और मेवात क्षेत्र का नाम पहले भी अवैध हथियारों के मामलों में सामने आता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों की पुलिस ने यहां कार्रवाई कर अवैध हथियार निर्माण और तस्करी से जुड़े कई नेटवर्क का खुलासा किया था। इसी कारण इस बार भी पुलिस पुराने मामलों और वर्तमान जांच के बीच संभावित कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक जांच जारी रहेगी।
पुलिस की जांच कई पहलुओं पर केंद्रित
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानकारी जुटा रही है कि हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आता था और तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे। इसके साथ ही आर्थिक लेनदेन, संभावित सहयोगियों और अन्य राज्यों से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी और तकनीकी जांच के बाद इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।