सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे बॉलीवुड सितारे, नसीरुद्दीन शाह बोले- ‘लंबी लड़ाई के लिए आपकी जरूरत है’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां सामने आई हैं। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, जीनत अमान, ओमी वैद्य, अभय देओल समेत कई कलाकारों ने उनकी सेहत पर चिंता जताते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने वांगचुक के आंदोलन और उनके साहस की सराहना भी की है।
नसीरुद्दीन शाह ने कहा- आगे की लड़ाई के लिए स्वस्थ रहना जरूरी
वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक संयुक्त अपील में सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज बेहद महत्वपूर्ण है और आगे की लंबी लड़ाई के लिए उनका स्वस्थ रहना आवश्यक है। शाह ने कहा कि आंदोलन की सफलता के लिए नेतृत्व का मजबूत और सक्रिय रहना जरूरी है। उन्होंने वांगचुक के साहस और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
संयुक्त बयान में साहस और नेतृत्व को किया सलाम
नसीरुद्दीन शाह के साथ अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय और अर्थशास्त्री जयंती घोष ने भी संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि सोनम वांगचुक ने जिस दृढ़ता और साहस के साथ युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाया है, वह प्रेरणादायक है। बयान में कहा गया कि यह संघर्ष लंबा है और इसे जीतने के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत होगी। इसलिए वांगचुक से अपील की गई कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार करें।
ओमी वैद्य बोले- मैं नहीं चाहता कि ‘फुंसुक वांगडु’ को कुछ हो
फिल्म 3 इडियट्स में ‘चतुर’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने भी सोशल मीडिया के जरिए सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फिल्म का लोकप्रिय किरदार ‘फुंसुक वांगडु’ वास्तविक जीवन में सोनम वांगचुक से प्रेरित था। ओमी ने बताया कि वह वांगचुक से मिल चुके हैं और उन्हें एक दूरदर्शी इंजीनियर, शिक्षक और समाज सुधारक मानते हैं। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने और वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की।
जीनत अमान ने सरकार से संवाद की अपील की
दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो रही है। जीनत ने कहा कि भारत में शांतिपूर्ण विरोध की एक समृद्ध परंपरा रही है और ऐसे मामलों में संवाद सबसे प्रभावी रास्ता होता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करे और उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार करे।
अभय देओल समेत कई कलाकारों ने भी जताई चिंता
अभिनेता अभय देओल ने भी विरोध स्थल से सोनम वांगचुक की तस्वीर साझा कर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की। सोशल मीडिया पर कई कलाकार और सामाजिक हस्तियां लगातार वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। सभी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और संवाद दोनों का सम्मान होना चाहिए। साथ ही यह भी जोर दिया जा रहा है कि आंदोलन जारी रखने के लिए नेतृत्व का स्वस्थ और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है।